उत्तरकाशी आपदा- खीरगंगा का ये रौद्र रूप, 20 सेंकड में बाजार तबाह, होटल-घर जमींदोज, कल्प केदार मंदिर भी बहा

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त्तरकाशी जिले के धराली गांव के पास मंगलवार दोपहर को पहाड़ी पर बादल फटने से खीरगंगा नदी में अचानक सैलाब आ गया। मलबे और पानी का बहाव इतना तेज था कि इसकी चपेट में आने से धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया। इस आपदा में धराली का प्रसिद्ध कल्प केदार मंदिर भी पूरी तरह से मलबे में बह गया है। प्रशासन ने अभी तक चार लोगों के मरने की पुष्टि की है, जबकि 25 से 35 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा। इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वह सुरक्षित जगह पर जा पाते सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया। वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमें मौके पर भेजी गईं। बचाव दल ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और होटल में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

 

व्यावसायिक इमारतों को हुआ ज्यादा नुकसान
लोगों का कहना है कि अगर नदी का बहाव सीधे आगे बढ़ता तो गांव की बस्ती को भी भारी नुकसान हो सकता था लेकिन पानी बाजार की ओर मुड़ जाने से सबसे ज्यादा नुकसान व्यावसायिक इमारतों को हुआ है। बताया कि एक बार पानी के साथ मलबा आया और उसके बाद कुछ देर के लिए रूक गया। वहीं उसके बाद दोबारा मलबा आया।

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हर्षिल में राहत शिविर स्थापित
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम प्रशांत आर्य और एसपी सरिता डोबाल मौके के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन ने हर्षिल में राहत शिविर भी स्थापित किए हैं। डीएम ने बताया कि नुकसान का पूरा आकलन मौके पर पहुंचकर किया जाएगा।

 

25-35 लोगों के मलबे में दबने की आशंका
बादल फटने से आई आपदा के बाद जिला प्रशासन ने वीडियो के आधार पर 25-35 लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई है। साथ ही 25-30 होटल, दुकानें मलबे के सैलाब में बहने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं हर्षिल हेलिपैड के आसपास के क्षेत्र में भी भारी तबाही हुई है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य तत्काल आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे और आईआरएस सिस्टम को सक्रिय किया। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, 108 सेवा, चिकित्सा दल व जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गया है।

 

 

लगातार बारिश से बढ़ रहा नदी का जलस्तर
जनपद में लगातार हो रही तेज बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने व पुलिस प्रशासन को लोगों को सचेत करने के निर्देश दिए। भारी अतिवृष्टि से गंगोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आए हुए हैं जिससे मार्ग अवरुद्ध है। जिलाधिकारी ने सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर सुचारू करने के निर्देश बीआरओ को दिए।


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