हल्द्वानी: भागवत कथा में महिलाओं को निशाना बनाने वाला गैंग को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ऐसे चोरी करते थे मंगलसूत्र

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बंटी-बबली बने दिल्ली के पति-पत्नी मयूरी और सुशील ने यहां के कथास्थल को इंटरनेट की आंखों से स्कैन कर तीन महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र उड़ाए थे। दंपती ने अपने गैंग में अन्य महिलाओं को शामिल कर रखा था और कार से दूर-दूर का सफर तय करते थे। दंपती के साथ संतोष नाम की महिला को पुलिस ने आरटीओ बाईपास से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर 18 मई को हुई घटना का खुलासा कर दिया।

 

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि 18 मई को ऊंचापुल के बाबा बालक नाथ मंदिर के प्रांगण में भागवत कथा के दौरान मुखानी थाना क्षेत्र के बिठौरिया नंबर एक की प्रियदर्शिनी विहार निवासी बसंती देवी की चेन चुरा ली गई थी। वहीं मौजूद दो अन्य महिलाओं की भी चेन व मंगलसूत्र गायब हुआ था। मुखानी थाने में बसंती देवी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण में एसपी सिटी प्रकाश चंद्र और सीओ नितिन लोहनी के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी संजीत राठौड़ और मुखानी थानाध्यक्ष दिनेश जोशी की टीम बनाई गई। सीसीटीवी के जरिये टीमों ने दो महिला आरोपी की पहचान की। चेन खींचने के बाद वे भीड़ से निकलते हुए दिखीं थीं। अन्य सीसीटीवी फुटेज में वे स्विफ्ट कार से जाती हुई दिखीं, उसका नंबर फुटेज से पता चल गया। कार की तलाश को प्राथमिकता दी गई। अन्य थाना क्षेत्रों में भी करीब सौ सीसीटीवी के फुटेज देखे गए। दोनों महिलाओं की लोकेशन पर पुलिस की नजर थी।

 

एसएसपी ने बताया कि पहचानी गई कार बृहस्पतिवार को आरटीओ बाईपास पर पंचायत घर के पास गुसाईंपुर तिराहे पर रोकी गई। उसमें पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी मयूरी, उसके पति सुशील कुमार और कल्याणपुरी की मराठा कॉलोनी के रहने वाले अनिल की पत्नी संतोष बैठी मिली। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से दो चेन और एक मंगलसूत्र मिला। पूछताछ में सामने आया कि इस घटना में एक अन्य महिला साथी भावना भी शामिल थी। उसकी तलाश की जा रही है। एसएसपी ने चार दिन के अंदर घटना का पर्दाफाश करने वाली टीम को 2500 रुपये के पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की।

ऐसे बनाते थे फूलप्रूफ प्लान
मयूरी और संतोष इंटरनेट के जरिये कथा आयोजन स्थल खोजते थे। फिर वहां आने वाली महिलाओं और उनके गहनों को भांपते थे। साथ ही कथास्थल की सुरक्षा व्यवस्था भी परखते थे। सब कुछ अपने प्लान के हिसाब से मिल जाए तो भले ही कथा स्थल दिल्ली से दूर हो, वहां पहुंच जाते थे। बालक नाथ मंदिर में भागवत कथा का माहौल भी उन्होंने इसी तरह दिल्ली से देखा था और वे दोनों गैंग में शामिल भावना और संतोष को अपने साथ लेकर यहां आ गए। यहां भक्तों के बीच घुले मिले और तीन महिलाओं के गले से चेन व मंगलसूत्र उड़ा दिए। हिमाचल प्रदेश में भी तीन साल पहले इसी तरह वारदात की थी, तब वहां जेल की हवा भी खाई। पुलिस गैंग से ऐसी अन्य वारदातें उगलवाने की तैयारी में है। एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने कहा कि इनसे पूछताछ के दौरान कई चीजें सामने आई हैं। फिलहाल हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद के कालाअंब क्षेत्र में की गई घटना ही सामने आई है।

माल जेब में भरने के बाद कैंची धाम जाने की थी योजना
मयूरी और सुशील ने हल्द्वानी से माल समेटने के बाद कैंची धाम जाने की योजना बनाई थी। वारदात करने के बाद वे पहाड़ चले गए और वहां घूमते रहे। हालांकि वे किसी कारणवश कैंची धाम नहीं जा पाए। घूमकर वापस हल्द्वानी आए तो कार की पहचान कर पुलिस ने धर दबोचा।

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