अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से युवाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 567 मिलियन डॉलर (करीब 5400 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह फैसला उस ऐतिहासिक मुकदमे के दूसरे चरण में आया है, जिसमें मार्च में मेटा को हार का सामना करना पड़ा था।
मुकदमे के पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर (375 मिलियन डॉलर) का सिविल जुर्माना लगाया था। जूरी ने माना था कि कंपनी को यह जानकारी थी कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही, कंपनी पर अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी जानकारी छिपाने का भी आरोप माना गया था।
क्या अदालत ने Meta में बड़े बदलाव करने के निर्देश दिए?
मुकदमे के दूसरे चरण में अभियोजन पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर लत पैदा करने वाले फीचर्स को सीमित किया जाए, आयु सत्यापन की व्यवस्था बेहतर बनाई जाए और डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स व कड़ी निगरानी के जरिए बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए बड़े बदलाव किए जाएं।
अदालत ने कहा कि अमेरिका का बच्चों की ऑनलाइन गोपनीयता से जुड़ा कानून COPPA, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मेटा को अनिवार्य आयु सत्यापन लागू करने का आदेश देने की अनुमति नहीं देता। कानून के तहत कंपनी बच्चों से व्यक्तिगत जानकारी मांगने या केवल आयु सत्यापन के लिए उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी नहीं कर सकती। अदालत ने यह भी कहा कि यदि केवल मेटा को बच्चों की आयु सत्यापित करने का निर्देश दिया जाए और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर ऐसा कोई नियम लागू न हो, तो यह कंपनी के साथ असमान और अनुचित व्यवहार होगा।






