घूमने के लिए नैनीताल आ रहे हैं तो कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। कहीं ऐसा न हो कि मौज मस्ती के चक्कर में 14 दिन क्वारंटीन होना पड़ जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि सैलानियों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन इस बार से और अधिक सख्ती करने जा रहा है।
शहर में यदि स्थानीय लोग या सैलानी बगैर मास्क के घूमते मिले तो उनकी अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच कराई जाएगी। संक्रमित मिलने पर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया जाएगा।
कोराना की दूसरी लहर के हल्की होने और सरकार ने कोरोना कर्फ्यू में ढील देने के बाद नैनीताल समेत आसपास के पर्यटक स्थलों में सप्ताहांत में सैलानियों की भीड़ बढ़ रही है। कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन होता देख पिछले हफ्ते जिला प्रशासन ने सैलानियों के प्रवेश के लिए कड़े नियम बनाए थे।
इनमें नैनीताल आने के लिए स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण व निगेटिव कोविड रिपोर्ट की अनिवार्यता के साथ एडवांस में की गई पार्किंग वाले होटलों की बुकिंग शामिल थी। जिला प्रशासन ने सैलानियों के दोपहिया वाहनों से शहर में प्रवेश पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था।
पिछले हफ्ते जिला प्रशासन की यह पहल रंग लाई थी। शहर में हजारों सैलानियों की मौजूदगी होने के बाद न तो कहीं जाम लगा और न ही सड़कों पर वाहन रैंगते दिखे थे। बृहस्पतिवार को रैंडम जांच में पलवल हरियाणा के दो सैलानी कोरोना संक्रमित मिले थे। इसे देखते हुए प्रशासन ने अब हर सप्ताहांत इन नियमों को पूर्ववत लागू रखते हुए कोरोना से बचाव के लिए इस सप्ताहांत से कुछ और सख्ती करने का फैसला लिया है। ईद के मौके पर भी यह सख्ती लागू रहेगी। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि सप्ताहांत के मौके पर बाहर से आने वाले सैलानियों के वाहनों को रूसी और नारायण नगर स्थित अस्थाई पार्किंगों में ही खड़ा किया जाएगा। वहां से सैलानी शटल सेवा से नैनीताल पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि दो पहिया वाहनों से नैनीताल आने वाले सैलानियों की स्कूटी और बाइकों को भी अस्थायी पार्किंगों में ही खड़ा कराया जाएगा। दोपहिया वाहनों का शहर में प्रवेश सप्ताहांत में पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।









