अयोध्या: कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ मौनी अमावस्या का स्नान,बीते तीन दिनों में राम नगरी पहुंचे 45 लाख लोग

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मौनी अमावस्या को लेकर बुधवार को सरयू नदी में स्नान करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। इस बार स्नान के लिए सुरक्षा और निगरानी के लिए एसडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है।

सरयू तट पर तीन अलग-अलग जोन में एसडीआरएफ के 20 जवान, पीएसी के 28 जवान और जल पुलिस के 23 जवान तैनात होंगे, जो पूरे स्नान घाट की सेक्टर वार निगरानी करेंगे। इसके अलावा, सुरक्षा के लिए तीन बोट भी तैनात की गई है, जो सुबह 4 बजे से लेकर रात 8 बजे तक एक किलोमीटर के पूरे क्षेत्र में निरंतर पानी में गश्त करते हुए लाउड हेलर से भक्तों को जागरूक करेंगी।

भक्तों को बचाने के लिए जल पुलिस के पास बोट में रिंग, लाइफ जैकेट, रस्सी और लकड़ी जैसे उपकरण होंगे, जो डूब रहे लोगों की मदद करेंगे। इसके साथ ही पुराने पुल पर जाल लगाने की मांग भी की गई है, ताकि कोई व्यक्ति अनहोनी का शिकार न हो। रायगंज के शैलेंद्र अवस्थी ने 25 जनवरी को नगर निगम को ज्ञापन भेजकर इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

एक किलोमीटर तक बिछी है जेटी
हालांकि, सरयू तट पर पानी का स्तर कम होने के कारण सुरक्षा कर्मियों को और भी सतर्क रहना होगा। करीब 1 किलोमीटर की दूरी तक तट पर जेटी पहले से बिछाई गई है, जिससे स्नान करने में कोई कठिनाई नहीं आएगी। जल पुलिस प्रभारी रुबे प्रताप मौर्य ने बताया कि लाउड हेलर से भक्तों को सतर्क किया जाएगा कि वे गहरे पानी में स्नान न करें और सुरक्षा उपायों का पालन करें। 

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अनुमान हुए ध्वस्त, तीन दिन में 45 लाख श्रद्धालु पहुंचे, दो किमी लंबी कतार

Ayodhya: Mauni Amavasya begins amid tight security, 45 lakh people reached Ram Nagri in last three days; Entry
रामनगरी में आस्था की लहरें उमड़ रही हैं। अनुमान से कहीं अधिक तीन दिनों में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। मंगलवार को रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए दो किमी लंबी कतार लगी। बुधवार को मौनी अमावस्या का पर्व है। प्रयागराज में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं का पलट प्रवाह अयोध्या की ओर होगा। ऐसे में रामनगरी में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसको देखते हुए अयोध्या धाम सहित जिले की सीमा पर यातायात डायवर्जन लागू कर दिया गया है।

अमावस्या मंगलवार की देर शाम से ही लग रही है। उदया तिथि में स्नान 29 जनवरी को भोर से पूरे दिन चलेगा। इसके लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा है। रामलला के दरबार में तीन दिनों में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। मंगलवार को करीब 10 लाख भक्त अयोध्या पहुंचे। इससे पहले सोमवार को 15 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। इसमें 3.55 लाख भक्तों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रामलला के दर्शन किए। इससे पहले रविवार को 2.80 लाख भक्त रामलला के दरबार में पहुंचे। शनिवार को 1.80 लाख भक्तों ने राम मंदिर में दर्शन किए। मंगलवार की शाम तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके थे।

रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए भक्तों की

मंगलवार की भोर से ही 10 लाख से ज्यादा भक्त सरयू स्नान कर नागेश्वरनाथ महादेव का अभिषेक करने के बाद हनुमानगढ़ी दर्शन के लिए पहुंचने लगे। रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए भक्तों की एक से दो किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। रामजन्मभूमि पथ पर भीड़ नियंत्रण के लिए दर्शन के बाद भक्तों को गेट नंबर तीन से निकाला जा रहा है। यह राम जन्मभूमि पथ से 100 मीटर दूर होने के कारण भीड़ नियंत्रण में सुविधा हो रही है। अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें, इसलिए राम मंदिर सुबह पांच बजे से लेकर रात 11 बजे तक खोला जा रहा है। इस बीच केवल 15 मिनट के लिए दोपहर में राम मंदिर का पट भोग अर्पित करने के लिए ही बंद हो रहा है।

अयोध्या धाम के रामपथ पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अयोध्या धाम में खासकर रामपथ पर चार पहिया व दो पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस पथ पर केवल पैदल जाने की अनुमति है। जिले के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कमिश्नर गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम चंद्र विजय सिंह व एसएसपी राजकरण नय्यर ने मंगलवार को राम जन्मभूमि सहित मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की। राम जन्मभूमि की सुरक्षा की मॉनिटरिंग एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे खुद कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों के जवान लगाए गए हैं। वहीं, अयोध्या धाम में स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रामपथ पर एक छोर से दूसरी छोर तक जाने के लिए बड़ी कठिनाई हो रही है।

मौनी अमावस्या पर बन रहा दुर्लभ संयोग

महाकुंभ के सबसे बड़े अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर इस बार दुर्लभ संयोग बन रहा है। पहली बार चतुष्पदीय महायोग में पुण्य की डुबकी सर्व सिद्धियों की प्रदाता बनेगी। बुधादित्य योग के साथ सर्वसिद्धि योग में पुण्य की डुबकी लगेगी। माघ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि मंगलवार की शाम 7:36 बजे शुरू हो चुकी है। बुधवार की शाम 6:05 बजे तक अमावस्या रहेगी। उदया तिथि के अनुसार मौनी अमावस्या की मान्यता बुधवार को होने की वजह से अमृत स्नान की डुबकी 29 जनवरी को लगेगी। ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण शर्मा के अनुसार सिद्धि योग के स्वामी विघ्न विनाशक गणेश जी इस योग के ध्वजवाहक बनकर शुभता प्रदान करेंगे। इस योग में किए गए सभी काम सफल सिद्ध होंगे। अन्न, वस्त्र, फल के अलावा मनपसंद वस्तुओं के दान का फलित कई गुना अधिक होगा। पवित्र नदियों तक न जा सकने वाले श्रद्धालु सूर्योदय से पहले उठकर घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। स्नान करते वक्त मन में ॐ नमः शिवाय…. मंत्र का जाप फलदायी होगा। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प, गेहूं और काले तिल को डालकर सूर्य देवाय नमः… मंत्र बोलते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य दें। सूर्यास्त के बाद पीपल के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं।

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