तांत्रिक का सम्मोहन : मुख्यमंत्री के साथ फोटो दिखा लोगों को लेता था विश्वास में, फिर करता था इस तरह अपना काम।

ऋषिकेश के सराफा व्यापारी की पत्नी को सम्मोहित करने के मामले में लाखों की ठगी करने वाला तांत्रिक बाबा योगी प्रियव्रत अनिमेश उर्फ महेंद्र रोड उर्फ रोबिन खलीफा निवासी आजाद नगर, थाना मॉडलटाउन पानीपत हरियाणा कोतवाली पुलिस के गिरफ्त में आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल गई गई है। कोतवाली पुलिस आरोपी बाबा की कस्टडी रिमांड के लिए कोर्ट में पत्र दाखिल करेगी। सूत्रों के मुुताबिक बीते 10 जुलाई को तांत्रिक बाबा ने राजनेताओं केे हाथों अपनी पुस्तिका का भी विमोचन किया था। प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर विधानसभा अध्यक्ष भी तांत्रिक बाबा से आशीर्वाद ले चुके हैं। ऋषिकेश के सराफा व्यापारी का कहना है कि दिसंबर 2019 से अब तक तांत्रिक बाबा उनकी पत्नी को सम्मोहित कर नौ लाख के सोने चांदी के आभूषण हड़प चुका है।

सराफा व्यापारी का कहना है कि उनकी पत्नी मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। उपचार के बहाने से बाबा से उनकी मुलाकात हुई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पकड़े गए बाबा ने यह भी खुलासा किया है कि महाकुंभ के समापन पर स्वयं को उन्होंने एक अखाड़े संत का शिष्य बताकर नेचर बिला में लोककल्याण अनुष्ठान आयोजन कर महाकुंभ के विधिवत समापन की भी घोषणा की थी। तब अनुष्ठान के दौरान अंडमान निकोबार के एक सांसद, सिक्किम की एक महिला आईपीएस, सराफा व्यापारी और उनकी पत्नी समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि बाबा के संबंध हरियाणा से जुड़े हैं। अब हकीकत तो यही है कि ऋषिकेश में सराफा व्यापारी की सूझबूझ से तांत्रिक बाबा का असली चेहरा लोगों के सामने आया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय करा रहा है जांच, होगी कार्रवाई
ठगी के आरोप में फंसे योगी प्रियव्रत अनिमेष की बीजापुर स्थित अतिथि गृह में किसने एंट्री कराई और कौन लोग हैं जिन्होंने एक विवादित बाबा की पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री से करा दिया। इन सभी पहलुओं की जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय यह जांच कर रहा है। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) आनंद बर्द्धन ने मामले की जांच कराए जाने की पुष्टि की है।

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बीती नौ जुलाई को जब मुख्यमंत्री बीजापुर अतिथि गृह में थे, उस दौरान वहां योगी प्रियव्रत अनिमेष की एंट्री कराई गई। मुख्यमंत्री से बाबा की आध्यात्म एवं नैतिक आख्यानों पर आधारित एक पुस्तक मानस मोती का विमोचन कराया गया।

इसके कुछ दिन बाद रविवार को बाबा के खिलाफ ऋषिकेश कोतवाली में ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ। यह खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय भी सकते में आ गया। सूत्रों के मुताबिक, अब मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर उन लोगों की तलाश शुरू हो गई है जिन्होंने अनिमेष की मुख्यमंत्री तक एंट्री कराई। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मामला गंभीर है और इस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल करा रहे हैं।

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