अजय भट्ट ने ली मंत्री पद की शपथ, संघर्षपूर्ण रहा है अजय भट्ट का जीवन, सब्जी की दुकान चला करते थे गुजारा।।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में 43 नेताओं को शामिल किया गया है। इसमें उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लोक सभा सांसद अजय भट्ट को भी जगह मिली है। सांसद अजय भट्ट ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली। 

अजय भट्ट मेहनती, आत्मविश्वासी और जुझारु व्यक्ति रहे हैं। शुरुआत से ही सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे अजय भट्ट का बचपन से आरएसएस से और फिर विद्यार्थी जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव रहा। वे एक तेज तर्रार नेताओं में गिने जाते हैं।
ऐसा रहा सफर
राज्य निर्माण आंदोलन में सांसद अजय भट्ट की सक्रिय और अहम भूमिका देखने को मिली। अजय भट्ट उत्तरांचल संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्य भी रहे। उन्होंने वर्ष 1996 में पहली बार रानीखेत से चुनाव जीतकर उत्तर प्रदेश विधान सभा में रानीखेत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

अजय भट्ट उत्तर प्रदेश विधान सभा में लोक लेखा समिति तथा विधान सभा की विशेषाधिकार समिति के सभापति का दायित्व भी निभा चुके हैं। 09 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश से पृथक राज्य उत्तरांचल ( वर्तमान नाम उत्तराखंड) बनने के बाद भट्ट अन्तरिम सरकार में मंत्री बने। बतौर मंत्री उनका कार्यकाल शानदार रहा।

2002 से 2007 तथा 2012 से 2017 तक रानीखेत विधान सभा का पुनः प्रतिनिधित्व कर उत्तराखंड विधान सभा में रानीखेत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 18 मई 2012 से 15 मार्च 2017 तक उत्तराखंड विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। 2015 में अजय भट्ट को नेता प्रतिपक्ष के साथ-साथ सर्व सहमति से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दोहरी जिम्मेदारी भी दी गई।

अजय भट्ट 2019 में 17वीं लोकसभा में नैनीताल-ऊधमसिंहनगर वे पहली बार सांसद चुने गए। इस चुनाव में उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जैसे दिग्गज को लगभग साढ़े तीन लाख वोटों से हराया तथा प्रदेश में सबसे ज्यादा मतों से जीतने वाले सांसद बने।

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