हैड़ाखान जाने वाली सड़क पांच दिन बाद भी नहीं खुल पाई है। शनिवार को दोबारा उसी जगह भूस्खलन हुआ और 50 मीटर सड़क पर मलबा आ गया है। उधर भू-वैज्ञानिकों ने प्रारंभिक रिपोर्ट लोनिवि को सौंप दी है। इसमें पूरी पहाड़ी को संवेदनशील बताया गया है। इधर लोनिवि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि सड़क को कैसे बनाया जाए।
बृहस्पतिवार को मलबा हटाने के दौरान पहाड़ी में कई दरारें देखी गईं थीं। इसके बाद लोनिवि ने भू-वैज्ञानिकों को बुलाया था। शुक्रवार को भू-वैज्ञानिकों की टीम ने निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि को मलबा हटाने का काम तुरंत रोकने के निर्देश दिए। कहा कि मलबा हटाया तो पूरी पहाड़ी नीचे आ सकती है। शनिवार को भूस्खलन की जगह दोबारा मलबा आ गया। 50 मीटर सड़क पर मलबा आने से अब सड़क खुलना मुश्किल लग रहा है। उधर भू-वैज्ञानिकों ने प्रारंभिक रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को सौंप दी है। इसमें कहा गया है कि पूरी पहाड़ी संवेदनशील है। ये कभी भी नीचे गिर सकती है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक गुप्ता ने बताया कि पहाड़ी में दरारें आ गई हैं। भू-वैज्ञानिकों की राय पर सड़क खोलने का काम रोक दिया है। कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट मिल गई है जिसमें पहाड़ी को संवेदनशील बताया गया है। विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल सड़क खुलना मुश्किल है। देखा जाएगा कि पहाड़ी में सुरक्षात्मक उपाय कराकर सड़क खोली जाए। या सड़क का अलाइमेंट बदला जाए।









