Uttarakhand: हाईकोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर पहाड़ और मैदान के बीच खींचतान जारी, पढ़िए इस तर्क को

हाईकोर्ट शिफ्टिंग की बात जब से गाहे-बगाहे की जा रही थी तभी से कुछ पक्ष तो कुछ विरोध में उतर आए थे। नैनीताल के कुछ वकील हाईकोर्ट में नैनीताल ही चाहते थे जबकि हल्द्वानी के वकील और व्यापारी इसे कुमाऊं के प्रवेश द्वार के लिए जोर लगा रहे थे। रामनगर के लोगों की भी अपने वहां की मांग थी।

नैनीताल में हाईकोर्ट स्थापित होने से पूर्व इसे रामनगर, कालागढ़ या हल्द्वानी में स्थापित किए जाने की मांग पहले से चली आ रही थी। हाईकोर्ट नैनीताल स्थापित होने के बाद मामला शांत हो गया लेकिन विभिन्न संगठन लगातार रामनगर, हल्द्वानी और कालागढ़ में हाईकोर्ट बनाने की मांग समय-समय पर करते रहे। कुछ समय पूर्व गढ़वाल से मांग उठी कि हाईकोर्ट की बेंच देहरादून में स्थापित की जाए।

कुछ महीनों पहले नैनीताल से हाईकोर्ट शिफ्ट किए जाने की कवायद शुरू होने के बाद नैनीताल में व्यापारी, अधिवक्ता और राजनीतिक संगठनों के लोग मुखर हो गए। कुछ लोग हाईकोर्ट नैनीताल में ही बनाए रहने के पक्षधर रहे तो कुछ लोग नैनीताल के पर्यटन को प्रभावित होने से बचाने के लिए हाईकोर्ट शिफ्ट करने की वकालत करने लगे।

बीते 2 महीनों में चर्चाएं तेज
बीते दो महीनों में नैनीताल के हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ ही कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि यहां तक की भाजपा से जुड़े एक दो विधायक भी हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ्ट नहीं किए जाने की वकालत कर रहे थे। हल्द्वानी के कई व्यापारिक संगठन और अधिवक्ता हाईकोर्ट हल्द्वानी शिफ्ट करने के अभियान चलाकर जनसमर्थन जुटाने में लगे थे जबकि रामनगर में पिछले दो महीनों से राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि और अधिवक्ता रामनगर को हाईकोर्ट के लिए मुफीद मानते हुए इसे रामनगर शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे।

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नैनीताल से शिफि्ंटग के पक्षधर लोगों के तर्क
-भौगौलिक स्थिति उच्च न्यायालय के अनुकूल स्थापित नहीं हो पा रही थी।
-आए दिन जाम लगने से होने वाली परेशानी
-भीड़भाड़ और जाम से सैलानियों को होने वाली दिक्कतें
-नैनीताल में रहना-खाना और आवागमन वादकारियों के लिए महंगा पड़ता था।
-वादकारियों को पहाड़ की अतिरिक्त समय और दूरी तय करने की मजबूरी
-हल्द्वानी में दूरस्थ स्थानों से आने वाले आम और खास वादकारियों के लिए रेल, बस और हवाई सेवा की सुविधा मौजूद
-दबाव कम होगा और पर्यटन का विकास होगा।
-पूरे राज्य वासियों की हल्द्वानी तक आसान पहुंच
-न्यायिक अधिकारीगण, स्टाफ और अधिवक्ताओं के लिए सुविधाजनक शहर

नैनीताल से शिफि्ंटग के विरोध में लोगों के तर्क
-हाईकोर्ट बनने से लोगों को रोजगार भी मिला था।
-यह पर्वतीय राज्य की परिकल्पना के विपरीत है।

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