Cloudburst in Uttrakhand : मुख्यमंत्री जेसीबी में बैठकर पहुंचे ग्राउंड जीरो पर लिया नुकसान जायजा,जरूरत पड़ने पर लेंगे सेना की मदद

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव एवं संपर्क बहाल करने के लिए आवश्यकता पड़ी तो सेना की मदद ली जाएगी। सरकार सेना के संपर्क में है। जिन इलाकों के संपर्क मार्ग टूट गए हैं, वहां वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। राज्य के हेलिकॉप्टर को भी आपदा प्रभावित इलाकों के लिए होल्ड पर रखा गया है।

मुख्यमंत्री थानो, कुमाल्डा एवं उसके आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करने के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे। शनिवार की सुबह ग् आपदा प्रभावित क्षेत्र में ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर उन्होंने जेसीबी पर सवार होकर मौका मुआयना किया। मौके पर उन्होंने कमिश्नर गढ़वाल सुशील कुमार एवं टिहरी के जिलाधिकारी डॉ.सौरभ गहरवार को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। उनके लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को अवरुद्ध मार्गों पर आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने को कहा। निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पेयजल एवं विद्युत की आपूर्ति बाधित हुई, उन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की जल्द सुचारू व्यवस्थाएं की जाए।
सीएम ने थानों मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवागमन को सुचारू करने के लिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। स्थलीय निरीक्षण के बाद सीएम ने सचिवालय में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में आपदा से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन के साथ ही आपदा से जुड़े अन्य उच्चाधिकारियों के साथ भी स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने पौड़ी, टिहरी एवं अल्मोड़ा के जिलाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्हें अतिवृष्टि से जिलों में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लापता लोगों को ढूढ़ने, रास्तों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ ही प्रभावितों को खाद्यान्न पेयजल तथा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
वाडिया इंस्ट्यिट एवं हेस्को नेभी अपनी टीम के साथ आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ये टीम प्रतिवर्ष आपदा से होने वाले नुकसान को रोकने के संबंध में मुख्यमंत्री को अपने सुझाव देगी।

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दिए निर्देश

-खाद्यान्न, दवाइयां व ईंधन की आपूर्ति की जांच करें
-संचार नेटवर्क में कोई समस्या न आए, मोबाइल आपरेटर कंपनी से समन्वय करें
– ऐसा सिस्टम बने कि राज्य मुख्यालय से सूचना सीमांत क्षेत्रों तक तत्काल पहुंचे
-सभी विभागीय सचिव व विभागाध्यक्ष आपदा की दृष्टि से नियमित मॉनिटरिंग करें
– प्रभावितों के रहने के लिये चिन्हित भवनों और स्थानों का फिर से सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षण हो
-नदियों व बरसाती नालों के चैनलाइजेशन पर ध्यान दिया जाए


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