होली का त्योहार हमारे देश का एक प्रमुख त्योहार है अलग – अलग राज्य में अलग-अलग तरह से इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे ही होली के त्यौहार को उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में कुमाऊं होली के नाम से जाना जाता है । यह त्योहार कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस होली का काफी एतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह होली काफी महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्यौहार बसंत पंचमी से शुरू होता है , बैठकी होली कुमाऊं के बड़े नगरों में मनाई जाती है,यह खासकर अल्मोड़ा और नैनीताल में खूब हर्षोल्लास के साथ बसंत पंचमी के दिन शुरू होती है व इसमें गीत घर की बैठक में राग रागिनीयों के साथ मनाई जाती है । लोग इस दिन मीरा बाई से लेकर बहादुर शाह जफर तक की रचनाएं सुनते हैं, इसमें शामिल होती है मुबारक हो मंजरी फूलों भरी या ऐसी होली खेले जनाब अली, जैसी ठुमरिया गाई जाती है।









