भारतीय नौसेना की मारक क्षमता को मजबूत करने के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने आठ नेक्स्ट-जेनरेशन कार्वेट (एनजीसी) के निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस सौदे को मंजूरी प्रदान की गई।
2030 तक पहला पोत मिलेगा, निगरानी-सुरक्षा में कितना मददगार?
सीसीएस से अंतिम मंजूरी मिलने और अनुबंध पूरा होने के बाद नौसेना को इन आठ जहाजों में से पहले पोत की आपूर्ति वर्ष 2030 तक मिलने की उम्मीद है। इनका उपयोग प्रमुख रूप से निगरानी अभियानों, एस्कॉर्ट मिशनों, रणनीतिक प्रतिरोध, सर्फेस एक्शन ग्रुप संचालन, खोज व हमला (सर्च एंड अटैक) और तटीय सुरक्षा में किया जाएगा।








