रानी की सराय थाना क्षेत्र के सेठवल निवासी राजनारायण जायसवाल ने बताया कि वह पिछले एक साल से अपनी पत्नी शालिनी जायसवाल का इसी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। मंगलवार सुबह करीब सात बजे प्रसव के लिए पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया।
हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस
आरोप है कि दोपहर 12 बजे तक अस्पतालकर्मी सामान्य प्रसव होने का आश्वासन देते रहे। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे ऑपरेशन के नाम पर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराकर 10 हजार रुपये जमा करा लिए गए, लेकिन तत्काल ऑपरेशन नहीं किया गया।
राजनारायण ने सहमति लेने के करीब आठ घंटे बाद रात पौने नौ बजे ऑपरेशन किया गया। तब तक गर्भ में ही नवजात की मौत हो चुकी थी। बच्चे की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि यदि समय से ऑपरेशन किया गया होता तो नवजात की जान बच सकती थी।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची रानी की सराय थाना पुलिस ने परिजनों को शांत कराया और नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।