विधान परिषद की इन सीटों पर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हुआ। खंड स्नातक सीटों के मुकाबले खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर मतदान प्रतिशत ज्यादा रहा। चुनाव में 152 प्रत्याशी मैदान में उतरे और कुल 14.81 लाख मतदाताओं को वोटिंग करनी थी। शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रदेश भर में 18 प्रेक्षक और 1041 सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। सभी जिलों में कंट्रोल रूम के जरिये मतदान की निगरानी की गई। पोलिंग बूथों पर वोटिंग की वीडियोग्राफी भी चुनाव आयोग की ओर से कराई गई।
सपा ने आरोप लगाया कि विधान परिषद चुनाव में भाजपाई रंग की पर्ची वालों को ही कई जगह मतदान करने दिया गया। बिना आईडी चेक किए भाजपाई वोटरों को वोट डालने दिया गया। भाजपा सरकार के मंत्रियों, विधायकों और नेताओं ने मतदान को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की। चुनाव आयोग भाजपा का पॉलिटिकल वर्कर बनकर लोकतंत्र की हत्या करने में शामिल रहा है।
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान परिषद के आगरा-अलीगढ़ स्नातक खंड क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को सैफई में मतदान किया। मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस चुनाव में हार के डर से भाजपा बौखलाई हुई है। भाजपा के लोगों ने फर्जी मतदान और बेईमानी की कोशिश की।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में वोट डालने जा रहे समाजवादी पार्टी के लोगों को रोकने के लिए भाजपा ने अपने भ्रष्ट अधिकारियों को आगे कर दिया। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा इस तरह बेईमानी करने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश से सूचनाए मिली हैं कि भाजपा ने जगह-जगह फर्जी वोटिंग की कोशिश की। प्रशासन के लोग मूकदर्शक बने रहे। ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग के लोग नींद की गोली खाकर सो गए।
अखिलेश यादव ने तंज कसा कि कि भाजपा को वोट चोरी के लिए एक विश्वविद्यालय खोल देना चाहिए, उसमें अपने कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम तीन साल का कोर्स चलाना चाहिए। वोट चोरी और धांधली करके भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब 40 दिन ही बचे हैं। इस बार समाजवादी पार्टी-इंडिया गठबंधन भाजपा को हराएगा।