लखनऊ ट्रिपल मर्डर: अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार, देर रात घर पर चला बुलडोजर, पत्नी को मिलेगी सरकारी नौकरी

पुलिस आयुक्त के मुताबिक मामले में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने ऋषभ शुक्ला को सोमवार को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। उसके पिता दिनेश शुक्ला, चाचा सतीश शुक्ला, गिरिश शुक्ला, बहन प्रिया और अदिति को भी गिरफ्तार किया गया है। चाचा राजेश शुक्ला और और मुन्ना बाबू की तलाश में पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने ऋषभ के पास से देसी पिस्टल, छह कारतूस, छह खोखे और दो मैैगजीन बरामद की है। उसकी बहनों के पास से एक मोबाइल फोन मिला है।

क्रेन से उठाई गई ऋषभ की कार
शवों के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस टीम क्रेन लेकर आरोपी ऋषभ के घर पहुंची आैर उसकी कार को उठवाकर सआदतगंज थाने लेकर पहुंची। छानबीन में सामने आया है कि ऋषभ की बहन प्रिया के अलावा गिरफ्तार किए गए पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2020 में मारपीट व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। खास बात ये है कि ऋषभ का एक भाई है जो कॉलोनी में उससे अलग रहता है। वह बेहद शांत स्वभाव का है और उसका किसी से कोई विवाद नहीं है। यही वजह है कि आरोपी के भाई को लेकर किसी ने कोई बयान नहीं दिया।
आरोपी का घर सील, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर को अवैध निर्माण घोषित करते हुए एलडीए ने मंगलवार शाम इसे सील कर दिया। इसके बाद सड़क कब्जा कर घर में बनाए गए अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया।
उच्च स्तर से मिले निर्देश के बाद एलडीए की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ ऋषभ के घर पहुंची और मकान को चारों तरफ से सील कर दिया। मौके पर मौजूद एलडीए के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने नजूल की जमीन पर भी अवैध निर्माण कराया है। यह जमीन खाली कराने के लिए नोटिस दिया जाएगा। इससे पहले सीलिंग की कार्रवाई के दौरान परिवार एलडीए को निर्माण से संबंधित कोई भी नक्शा या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सड़क की जमीन से कब्जा हटा दिया गया है। उधर, स्थानीय लोगों ने एलडीए पर अधूरी कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में मिलेगी नौकरी

तिहरे हत्याकांड में फजीहत के बाद आखिरकार प्रशासन ने पीड़ित परिवार की मांगें मान लीं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मंगलवार शाम आरएसएस के पदाधिकारियों और पीड़ित परिवार से बंद कमरे में बात की। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में ओएसडी की नौकरी का एलान किया। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि शंभू की बेटी सुमेधा जब तक पढ़ना चाहेंगी इसका जिम्मा प्रशासन उठाएगा।

और पढ़े  UP MLC Chunav-: विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान जारी, लखनऊ में सपा उम्मीदवार ने डाला वोट

डिप्टी सीएम के मौके पर पहुंचने के बाद पीड़ित परिवार शवों के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। गुलालाघाट पर कड़ी सुरक्षा में सुयश की बुआ के बेटे मनोज अवस्थी ने तीनों शवों को मुखाग्नि दी। डिप्टी सीएम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आजीवन सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नजीर बनेगी।

अशरफाबाद चौराहे पर भी लगाया जाम
दोपहर तक मांगें नहीं मानी गईं तो लोग भड़क गए। कुछ लोग अशरफाबाद चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। पुलिस को इसकी भनक लगी तो फोर्स भेजी गई। इसके बाद ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। चौराहे पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। इसका असर कश्मीरी मोहल्ले तक दिखा।

इंस्पेक्टर सआदतगंज और चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला निलंबित

सआदतगंज के नौबस्ता में सोमवार को हुए तिहरे हत्याकांड ने पुलिस की कार्यशैली को एक बार फिर सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। पुलिस की लापरवाही के कारण पार्किंग और चबूतरा बनाने के मामूली विवाद ने तीन लोगों की जान ले ली। मंगलवार को बवाल बढ़ने पर पुलिस आयुक्त तरुन गाबा ने इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य और चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला दरोगा अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया।

मोहल्ले के लोगों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वारदात के एक दिन पहले शिवाजी तिवारी थाने गए थे। उस दौरान ऋषभ का चाचा राजेश शुक्ला मौजूद था। उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई हुई थी। आरोप है कि वापस आने के बाद राजेश थाने में पुलिसवालों के साथ बैठा रहता था। लोगों ने उस पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का भी आरोप लगाया।

और पढ़े  UP- आरोपी कार से बजाते रहे दुस्साहस का डंका, वहशत का वीडियो वायरल, मौत हो गई और पुलिस बोली- हादसा हुआ

पड़ोस में रहने वाली मंजू शुक्ला ने आरोप लगाया कि ऋषभ ने कुछ समय पहले उनके बेटे अंशू पर हमला किया था। इसकी शिकायत लेकर वह थाने गई थीं। आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये वसूले गए पर सुनवाई नहीं की गई। रकम जुटाने के लिए मंजू को अपनी चेन भी बेचनी पड़ी थी।

नाराज लोगों ने इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज का भी नाम एफआईआर में बढ़ाने की मांग की। साथ ही पूरे थाने को बर्खास्त करने की मांग की। हालांकि, डिप्टी सीएम के पहुंचने के बाद लोगों की नाराजगी कम हुई। पुलिस आयुक्त का कहना है कि लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इन पर विभागीय कार्रवाई होगी। हत्यारोपी ऋषभ समेत छह आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। प्रभारी सीजीएम एकलव्य सरोज ने सभी को सात नवंबर तक के लिए जेल भेज दिया।

  • Related Posts

    UP MLC Election- लखनऊ-बरेली में खिला कमल, मेरठ में दोनों सीटें BJP के नाम, वाराणसी में सपा जीती

    उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना चल रही है। लखनऊ शिक्षक खंड में भाजपा के उमेश द्विवेदी लगातार तीसरी बार जीते गए हैं। यहां पर नंबर दो…

    प्रदेश में आज से दिखने लगेगा चक्रवात का असर, इन जिलों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी, यहां पर अलर्ट

    चक्रवात अर्नब के असर से उत्तर प्रदेश में बेमाैसम बारिश की संभावना है। माैसम विभाग के मुताबिक 28 से 31 अक्तूबर के बीच पूर्वी यूपी, विंध्य क्षेत्र और मध्यांचल के…