अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पहली आमने-सामने मुलाकात हुई। करीब तय समय से ज्यादा चली इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, यूक्रेन, फॉकलैंड द्वीप, ईरान और सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद ट्रंप ने बर्नहम की तारीफ करते हुए उन्हें कारोबार की समझ रखने वाला नेता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन के साथ अमेरिका के रिश्ते पिछले प्रधानमंत्री की तुलना में अब बेहतर हैं। बर्नहम ने भी कहा कि दोनों नेताओं के बीच अच्छी समझ बनी है।
बर्नहम ने चागोस द्वीप पर क्या कहा और आगे क्या होगा?
- ट्रंप की आपत्ति के बावजूद बर्नहम ने समझौते से पीछे हटने का ऐलान नहीं किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अमेरिका के साथ मिलकर ऐसा रास्ता निकालने के लिए काम कर रहा है, जिससे डिएगो गार्सिया का सैन्य इस्तेमाल लंबे समय तक जारी रह सके।
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- ब्रिटेन पहले ही मॉरीशस के साथ संधि कर चुका है, लेकिन इसे लागू करने के लिए संसद की मंजूरी अभी बाकी है। बर्नहम ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नविन रामगुलाम से भी बातचीत की है और दोनों पक्षों के विदेश मंत्रियों की संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बैठक की बात कही गई है।
ईरान और यूक्रेन को लेकर बर्नहम ने ट्रंप से क्या चाहा?
बर्नहम की प्राथमिकताओं में ईरान के साथ जारी संघर्ष को रोकने की कोशिश भी शामिल रही। इस संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है और वैश्विक ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा है। ब्रिटेन ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब की रक्षा के लिए सीमित सैन्य मदद देने की घोषणा भी की है। इसके तहत ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स सऊदी लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने में मदद करेगी। बर्नहम ने यूक्रेन को रूसी हमलों से बचाने के लिए अमेरिका से वायु रक्षा मिसाइलों की मदद बढ़ाने की अपील करने की भी बात कही थी।
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गलत सूचना पर ब्रिटेन-अमेरिका में क्या मतभेद हैं?
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में बर्नहम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए वैश्विक नियम बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि एआई में बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन यह समाज और कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है और जोखिम भी बढ़ा सकता है। ब्रिटेन पारदर्शिता और एआई मॉडल तक पहुंच से जुड़े नियमों के लिए दूसरे देशों और तकनीकी कंपनियों को साथ लाने की कोशिश करेगा। वहीं ट्रंप वैश्विक स्तर पर एआई को नियंत्रित करने वाली व्यापक व्यवस्था का विरोध कर चुके हैं। बर्नहम ने रूस और दूसरे देशों पर एआई की मदद से गलत सूचना फैलाकर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया और ब्रिटेन में इससे निपटने के लिए राष्ट्रीय सूचना रक्षा केंद्र बनाने की बात कही।





