एमबीबीएस के दाखिलों में फर्जी प्रमाणपत्र लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जन सेवा केंद्रों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की टीम ने बृहस्पतिवार को कई जन सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया जिसमें से चार को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। जबकि, तीन के यहां से कंप्यूटर और अन्य उपकरण कब्जे में लिए हैं।
इसी तरह कलेक्ट्रेट के पास ही हनी रमन, करन वर्मा और प्राची कौशिक के जन सेवा केंद्रों को भी सील कर दिया गया। इन केंद्रों पर भी कई तरह की अनियमितताएं मिलीं। दो सेंटरों में रजिस्टर ही नहीं पाए गए। इसके अलावा तहसील के पास पूनम खन्ना और कलेक्ट्रेट के पास करन वर्मा के सीपीयू को कब्जे में लिया गया है।
निर्धारित से अधिक वसूले जा रहे थे सेवाओं के शुल्क
एसडीएम सदर ने बताया कि कई केंद्रों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी। प्रशासन की टीम ने जब औचक निरीक्षण किया तो यहां पर पाया गया कि विभिन्न सेवाओं के जो निर्धारित शुल्क है उससे कहीं अधिक शुल्क वसूला जा रहा था। किसी सेवा का शुल्क 50 रुपये है तो इसके स्थान पर जल्दी काम कराने का झांसा देकर 100 रुपये तक वसूले जा रहे थे। इसी तरह कई-कई गुना शुल्क सेवाओं के वसूले जा रहे थे।
जन सेवा केंद्र आमजन को विभिन्न सरकारी सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आमजन की सुविधा से जुड़े इन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
– डॉ. अपूर्वा सिंह, एसडीएम सदर








