उत्तराखंड में एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म और मृत्यु पंजीकरण को लेकर जनता को बड़ी राहत मिली है। जनगणना कार्य निदेशालय उत्तराखंड ने स्पष्ट किया है कि भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय से अंतिम संशोधन लागू होने तक संबंधित उपजिलाधिकारी ही पूर्व के नियमों के तहत आदेश जारी करेंगे। निदेशक एवं संयुक्त महारजिस्ट्रार इवा आशीष श्रीवास्तव ने इस संबंध में उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव एवं मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को निर्देश जारी करने के लिए पत्र लिखा है।
निदेशालय ने पत्र में साफ किया है कि भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय नई दिल्ली की ओर से अधिनियम में आवश्यक संशोधन की कार्रवाई अभी प्रक्रियाधीन है। केंद्र स्तर से यह संशोधन पूर्ण होने के बाद ही राज्य में नए प्रावधान लागू किए जाएंगे। लिहाजा, व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है कि वे पूर्व की भांति जांच पूरी कर आदेश जारी करना सुनिश्चित करें, ताकि जनता को परेशानी न हो।








