राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने के 14 साल पुराने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दो विधायकों समेत 24 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। अभियोजन वापसी की याचिका को खारिज करते हुए नैनीताल उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को मामले में जल्द सुनवाई करने के आदेश दिए थे।
जिला एवं सत्र न्यायालय से भी आरोपियों को कोई राहत नहीं मिली।
निचली अदालतों के आदेशों को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। नैनीताल हाईकोर्ट की एकल पीठ न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी ने 14 अगस्त 2026 को इस याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि यह घटना 2012 की है, इसलिए ट्रायल को शीघ्रता से पूरा किया जाए। न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार की कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इससे आरोपियों में खलबली मची हुई है।








