भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के लिए दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। दुनिया के बड़े नेताओं की मौजूदगी के बीच सुरक्षा का दायरा सिर्फ सड़कों और कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि एयरपोर्ट से लेकर होटल, वीआईपी रूट, आसमान और डिजिटल गतिविधियों तक निगरानी रखी जा रही है। खासतौर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा के लिए अलग और बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। आखिर दिल्ली में कैसी है सुरक्षा की यह पूरी व्यवस्था? विदेशी नेताओं की सुरक्षा के लिए क्या-क्या खास तैयारी की गई है? आइये जानते हैं…
एयरपोर्ट, विदेशी नेताओं के ठहरने वाले 11 होटल और भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने शहर को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर सुरक्षा का इंतजाम किया है। हर सेक्टर की जिम्मेदारी डीसीपी या एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी को दी गई है।
भारत मंडपम की सुरक्षा स्पेशल सीपी, स्पेशल सेल के नेतृत्व में है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के होटलों की सुरक्षा वरिष्ठ अधिकारी संभाल रहे हैं और होटल से भारत मंडपम तक के रास्तों पर भी विशेष निगरानी की जा रही है।
होटल के कर्मचारियों से लेकर छत तक जांच
विदेशी नेताओं के ठहरने वाले होटलों में कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था है। जिन मंजिलों पर राष्ट्राध्यक्ष ठहरेंगे, वहां से लेकर होटल की छत और ग्राउंड फ्लोर तक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
रूस और चीन की विशेष सुरक्षा टीमें भी पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित होटलों के कर्मचारियों का भी सत्यापन किया है। उनके दिल्ली स्थित रिकॉर्ड के साथ-साथ गृह राज्यों में भी वेरिफिकेशन कराया गया है।
पुतिन और जिनपिंग के काफिले के लिए खास रूट
विदेशी मेहमानों के भारत मंडपम आने-जाने के लिए रूट पहले ही तय हैं। एयरपोर्ट से होटल और होटल से भारत मंडपम तक के पूरे मार्ग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुतिन और शी जिनपिंग के काफिले बड़े होने की उम्मीद है। इसलिए उनके काफिले के लिए खास रूट तय है।
11 से 13 सितंबर के दौरान 35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रित या डायवर्ट है। इसके लिए 22 डायवर्जन पॉइंट बने हैं। वीवीआईपी काफिले के गुजरने के दौरान कुछ रास्तों पर थोड़ी देर के लिए यातायात रोका भी जा सकता है।
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली के प्रमुख इलाकों की ओर जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और यात्रा से पहले ट्रैफिक की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए 11 सितंबर को दिल्ली में स्कूलों और कुछ सरकारी कार्यालयों के लिए अवकाश रखा गया है। 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को 10 अक्तूबर के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। कुछ सुनवाइयों की तारीखों में भी बदलाव किया गया है।
शी जिनपिंग की सुरक्षा में क्या है खास?
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद भारत आ रहे हैं और उनके दौरे से दोनों देशों के संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। शी की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दी गई है। चीन की विशेष सुरक्षा टीम पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी है और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर व्यवस्था संभाल रही है।
शी जिनपिंग की होंगछी एन701 चीन की बेहद खास और गोपनीय राष्ट्रपति कार है। इसे चीन की सरकारी कार निर्माता कंपनी होंगछी ने तैयार किया है। इसकी लंबी बॉडी और बड़ा केबिन इसे सामान्य लग्जरी कारों से अलग बनाते हैं। इसकी सुरक्षा, इंजन और बख्तरबंद तकनीक से जुड़ी ज्यादातर जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जिनपिंग की विदेश यात्राओं में दो बोइंग 747 विमानों के इस्तेमाल होता है। ये विमान एयर चाइना के हैं और राष्ट्रपति की यात्रा के लिए विशेष रूप से तैयार किए जाते हैं। दोनों विमानों का इस्तेमाल यात्रा के दौरान सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए किया जाता है।
चीन के विदेश मंत्रालय की 2026 की रिपोर्ट में शी जिनपिंग की विदेश यात्राओं के लिए ‘स्पेशल प्लेन’ का उल्लेख किया गया है। उनके साथ वरिष्ठ चीनी अधिकारी भी यात्रा करते हैं। विदेश दौरे के दौरान चीनी सुरक्षा टीम और मेजबान देश की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय करती हैं।
चीनी सुरक्षा दल में कितने लोग होते हैं, उनके पास किस तरह के हथियार होते हैं और उनकी सटीक तैनाती कैसी रहती है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था में एयरपोर्ट, होटल, कार्यक्रम स्थल और यात्रा मार्ग की सुरक्षा मेजबान देश की एजेंसियां संभालती हैं। शी जिनपिंग के होटल में भी संबंधित मंजिलों से लेकर छत और ग्राउंड फ्लोर तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।





