3.53 लाख रसोइयों को CM योगी सरकार का बड़ा तोहफा, मानदेय बढ़ाने के साथ अब कैशलेस इलाज की भी सुविधा

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यूपी में पीएम पोषण के तहत परिषदीय व एडेड स्कूलों में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड दिया।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1500 रसोइयों की सहभागिता रही। जिला व तहसील स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करके जनप्रतिनिधियों के माध्यम से रसोइयों को सम्मानित किया गया। इससे पहले शनिवार को महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रसोइयां सम्मान समारोह का आयोजन बेहतर ढंग से किया जाए।

ब्रजेश पाठक ने देशी अंदाज में रसोइयों से की बात

इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने देशी अंदाज में कहा कि  जिज्जी, बहिनी और बिटिया या बताओ आज तक कौनो मुख्यमंत्री तुम्हार सुधि लिहिस रहै। सब लोग बताओ। आज जानि लेव तुम्हरौ सुधि ले वालौ कोऊ है। आपका मानदेय दुइ हजार से तीन हजार होइगा है। अब अगर बीमारी अजारी आ जाइ तो पांच लाख तक का इलाजौ फिरी होइ।

 

बातों ही बातों में उन्होंने 2027 की भी बात कर ली। कहा कि जैसे स्कूलन में एग्जाम होत हैं, वैसे ही अब हम लोगन का एग्जाम आवै वाला है। तो जैसे सब्जी खरीदत समय ध्यान रखती हौव, गर्मी मा मटकी खरीदत समय पानी भर के ठोंक बजाके देखती हौ, ओही तरह 2027 में सबका ठोंक बजा के देखि लेहो। 2017 से पहिलौ का रहै प्रदेश मा। आज गुंडा माफिया सब गायब हैं। एहि लिए 2027 मा सब लोग करकराकै वोट दीन्हेव। 

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रसोइयों के लिए चार प्रकार की योजनाएं घोषित

इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले 3.53 लाख रसोइयों के लिए चार प्रकार की योजनाएं घोषित हो रही हैं। पहली मानदेय बढ़ा। दूसरी दो लाख का दुर्घटना बीमा।तीसरी पांच लाख तक के कैशलेज इलाज की सुविधा। चौथी ड्रेस खरीदने के लिए मिलने वाला पैसा दोगुना किया गया, यानी साड़ी खरीदने के लिए राशि 500 से एक हजार कर दी गई है।

सीएम ने कहा कि अभी तक रसोइयों के लिए सामाजिक व्यवस्था नहीं थी। अब एसबीआई में हम खाता खुलवाएंगे। उसी में मानदेय जाएगा। साथ ही किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर दो लाख की मदद भी मिल जाएगी। पहले ऐसा नहीं था। आप लोग खाना बनाकर देश के बचपन को स्वस्थ बनाते हैं, लेकिन आपके स्वास्थ्य की चिंता किसी को नहीं थी। पहले लकड़ी में खाना बनता था। अब सौ फीसदी रसोई गैस में खाना बनता है। यानी आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखा गया। इसके अलावा यदि आपके परिवार में कोई बीमार होता है, तो आप किसी भी इंपैनल्ड अस्पताल में जाकर हर साल पांच लाख तक का इलाज फ्री करा सकते हैं।

पहले गरीब का बच्चा नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर था

सपा मुखिया अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज बबुआ ने एक बयान दिया है। अगली बार लोग सपा को साफ कर देंगे। इन लोगों ने प्रदेश को गुंडा प्रदेश बना दिया था। आज यदि कोई किसी बेटी को छेड़ता है, तो मानकर चलिए उसका यमराज के पास जाने का समय फिक्स हो चुका है। आज स्कूलों की दशा बदल चुकी है। बच्चों को दो ड्रेस दी जा रही है। जूते-मोजे और स्वेटर की भी व्यवस्था है। 2017 से पहले गरीब का बच्चा नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर था।

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पहले बबुआ 12 बजे सोकर उठे थे। 5 बजे जिम जाते थे। फिर महफिल जम जाती थी। उनके पास प्रदेश के लिए समय ही नहीं था। आज सरकार के पास प्रदेश के लिए पर्याप्त समय है। आज शिक्षकों का सम्मान हो रहा है। यूपी पहले से ही शिक्षा की भूमि थी। एक समय में सपा ने शिक्षा को नकल ही हमारा अधिकार है, बना दिया था। आज यूपी के लोगों का सम्मान होता है। पहले पहचान का संकट था।

बच्चों को स्वच्छता के साथ पौष्टिक आहार मिले

सीएम ने आगे कहा पहले न गरीब की बात सुनते थे, न गांव की सुनते थे, न शहर की सुनते थे। लोगों की बात सुनने के लिए क्षमता होनी चाहिए। आज डबल इंजन की सरकार हर किसी की बात सुनती है। आज आप हर साल अपने स्वास्थ्य पर पांच लाख खर्च कर सकते हैं, पैसे सरकार देगी। आपका दायित्व है कि आपकी रसोई साफ सुथरा रहे। बच्चों को नियमानुसार पोषण के हिसाब से खाना मिले।

दुश्मन से सावधान रहें

बच्चों को मीनू के अनुसार, समय पर स्वच्छता के साथ पौष्टिक आहार मिले। बच्चे जब आगे बढ़ेंगे तो आपका भी सम्मान होगा। कोई भी दुश्मन ऐसा न करने पाए, जो आपको कटघरे में खड़ा करे। जब आप रसोई बनाएं, वहां पर कोई दूसरा न जाए। क्योंकि, कोई भी विश्वासघात कर सकता है। खाना बनाते समय ध्यान रखें, खाने में कोई छिपकली न गिरे, किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

उन्होंने कहा कि आज 18 कमिश्नरी में 18 अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। इनमें 18 हजार से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। हमने देखा कि जब महाकुंभ में भीड़ ज्यादा बढ़ गई, तो आसपास के जिलों में होल्डिंग क्षेत्र बनाया गया, तब एक करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोसइयों ने खाना बनाया। कोरोना कालखंड में जो बच्चे अनाथ हो गए, उनके लिए 4 हजार प्रति माह पढ़ाई के लिए पैसे उपलब्ध करा रहे हैं। जिनके बारे में किसी ने नहीं सोचा, उनको हम प्रदेश के अंदर योजनाओं से आच्छादित कर रहे हैं। 14 हजार दिव्यांग बच्चों को छह हजार रुपये वाहन के लिए उपलब्ध करा रहे हैं।

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