दशकों से जर्जर पड़ी जमरानी बांध परियोजना की नहरों पर अब विकास की बौछार होने वाली है। राज्य सरकार ने इन नहरों के कायाकल्प के लिए 300 करोड़ रुपये का खजाना खोल दिया है। इस धनराशि से परियोजना से जुड़ी कुल 62.07 किलोमीटर लंबी नहरों को नया रूप दिया जाएगा। इन नहरों से तराई-भाबर क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों के लाखों किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। संवाद
वर्तमान में परियोजना के पार्ट वन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की 33.32 किलोमीटर नहरों को दुरुस्त किया जा रहा है लेकिन निर्माण की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। काम धीमा होने के पीछे नहरों के किनारे से गुजर रही बिजली की लाइनों के पोल और पेयजल की पाइप लाइनों को शिफ्ट करने में विभागों के बीच समन्वय की कमी आड़े आ रही है।
– शाहनवाज, प्रबंधक जमरानी बांध परियोजना इकाई






