स्पेशल 26 फिल्म की तरह फर्जी पुलिस बनकर जीएसटी सलाहकार को अगवा कर फिरौती वसूली का खुलासा हुआ है। महंगे शौक की वजह से कर्ज में डूबे आरोपियों ने पैसे जुटाने के लिए छह माह तक रेकी कर वारदात को अंजाम दिया था। बुधवार को बिसरख कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो की तलाश जारी है। आरोपियों के पास से फिरौती की रकम के 29 लाख रुपये (24.50 लाख नगद व 4.50 लाख के जेवरात), दो कार, 7 मोबाइल और दिल्ली सिविल डिफेंस व यूपी पुलिस की वर्दी बरामद हुई है।
खुलासे के बाद भी पुराने दावे पर कायम है पुलिस
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दावा किया था कि पीड़ित अपनी मर्जी से कार में गया था, लेकिन अब जब खुलासा हुआ है तो पूरा मामला उल्टा निकला है। हालांकि पुलिस पुराने दावे पर कायम है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित जीएसटी के मुकदमे को रफा-दफा करने के मकसद से ही कार में बैठकर आरोपियों के साथ घूमता रहा। पैसा देने के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ भी दिया।
पालतू कुत्ते की फुटेज देख आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने सफेद रंग की अर्टिगा कार होने की जानकारी दी थी। जांच में पता चला कि कार अर्टिगा नहीं थी। इसका पता पीड़ित के पालतू कुत्ते से चला। एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित की कार से पालतू कुत्ते को साथियों की कार में भेज दिया था। नोएडा में ही आरोपियों की कार पंप पर पेट्रोल लेने रुकी थी। वहां सीसीटीवी फुटेज में कार में कुत्ता दिखा। जिससे आरोपियों की कार की पहचान हो गई। पुलिस ने कार का पता लगाकर आरोपियों तक पहुंच गई।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित करीब चार घंटे बाद डायल-112 पर फोन कर वारदात की सूचना दी। पुलिस पैसों का इंतजाम हवाला के माध्यम से करने की जांच कर रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़ित जीएसटी चोरी की रकम को कम करने का दावा करता है। इसके बदले वह उद्यमियों से मोटी फीस लेता है। इसके दस्तावेज मिले हैं। इस संबंध में जीएसटी विभाग को पत्र भेजकर जांच करने को कहा जाएगा।







