देश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर के कई राज्य, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है।
मुंबई में खराब मौसम को लेकर स्पाइसजेट की अपील
स्पाइसजेट ने ट्वीट कर बताया कि, ‘मुंबई में खराब मौसम (भारी बारिश) के कारण सभी उड़ानों के आने-जाने और उनसे जुड़ी अन्य उड़ानों पर असर पड़ सकता है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति (फ्लाइट स्टेटस) चेक करते रहें’।
उत्तर भारत के राज्यों में बारिश कितनी तेज होगी?
उत्तर भारत में मौसम खासा सक्रिय रहेगा। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
हिमाचल और उत्तराखंड में क्यों बढ़ी चिंता?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बारिश के साथ जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा भी बताया गया है। अगले 24 घंटे के लिए हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम का अनुमान है। उत्तराखंड में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भी ऐसा जोखिम बताया गया है। पूरी तरह भीगी मिट्टी और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में क्या स्थिति रहेगी?
राजस्थान के पूर्वी हिस्से में आज भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान के बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, कोटा और प्रतापगढ़ जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी यही खतरा है।
पूर्वी और मध्य भारत में किन राज्यों में बारिश होगी?
ओडिशा, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। ओडिशा में भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर गरज-चमक की संभावना है। झारखंड में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है। बिहार में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और इन राज्यों के कई इलाकों में गरज-चमक की भी संभावना है। पूर्वोत्तर के मौसम को देखते हुए लोगों को तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
गुजरात और महाराष्ट्र में क्या असर पड़ेगा?
गुजरात क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। गुजरात में गरज-चमक भी हो सकती है। कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में भी भारी बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ में आज कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है, जबकि मराठवाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है। सौराष्ट्र और कच्छ में भी छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है।
दक्षिण भारत के राज्यों में कहां बारिश और तेज हवा होगी?
दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है। तेलंगाना में भी तेज सतही हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। कर्नाटक के तटीय, उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का अनुमान है। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में भी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है।
किस राज्य में कैसी बारिश रहेगी?
- अंडमान-निकोबार… कई स्थानों पर बारिश, 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना।
- अरुणाचल प्रदेश… भारी बारिश और गरज-चमक।
- असम-मेघालय… भारी बारिश और बिजली चमकने की संभावना।
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा… भारी बारिश और गरज-चमक।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम… गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी बारिश, अन्य हिस्सों में बारिश और गरज-चमक।
- ओडिशा… भारी बारिश, कुछ जगहों पर तेज हवा और गरज-चमक।
- झारखंड… बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं और गरज-चमक।
- बिहार… कुछ जगहों पर बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक।
- उत्तर प्रदेश… पूर्वी हिस्से में छिटपुट बारिश, पश्चिमी हिस्से में भी कुछ जगह बारिश की संभावना।
- उत्तराखंड… भारी बारिश और बिजली चमकने की संभावना।
- हिमाचल प्रदेश… भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान।
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख… भारी बारिश और कुछ इलाकों में गरज-चमक।
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली… अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश।
- पंजाब… अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश।
- पूर्वी राजस्थान… भारी से बहुत भारी बारिश।
- पश्चिमी राजस्थान… भारी बारिश और कुछ जगहों पर गरज-चमक।
- मध्य प्रदेश… पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की संभावना।
- गुजरात… भारी बारिश और बिजली चमकने की संभावना।
- महाराष्ट्र… भारी बारिश।
- छत्तीसगढ़… भारी बारिश और गरज-चमक।
- आंध्र प्रदेश… बारिश, गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं।
- तेलंगाना… गरज-चमक और तेज सतही हवाएं।
- तमिलनाडु और पुदुचेरी… बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं और गरज-चमक।
- कर्नाटक… तटीय और आंतरिक हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं।
- केरल… कई स्थानों पर बारिश और कुछ जगह तेज हवाएं।
- लक्षद्वीप… कई जगह बारिश और तेज हवाओं की संभावना।
समुद्र में जाने वालों के लिए क्या चेतावनी है?
समुद्री इलाकों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान तट के आसपास तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है, जिसकी गति झोंकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण श्रीलंका के पास और कोमोरिन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी ऐसी हवाओं का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा, झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।







