किन्नौर कैलाश यात्रा- 960 श्रद्धालु रवाना, 5 से 10 अगस्त तक के ऑनलाइन स्लॉट ढाई घंटे में फुल

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किन्नौर कैलाश यात्रा इस वर्ष श्रद्धालुओं के बीच खासी लोकप्रिय साबित हो रही है। यात्रा के आधिकारिक रूप से 30 जुलाई को शुरू होने के बाद से अब तक चार दिनों में 960 से अधिक श्रद्धालु पवित्र कैलाश के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। रविवार को ही 352 श्रद्धालुओं ने तंगलिंग बेस कैंप से इस पैदल यात्रा की शुरुआत की।

ऑनलाइन स्लॉटों की भारी मांग: यात्रा के लिए ऑनलाइन स्लॉटों की मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 4 अगस्त तक के सभी स्लॉट 28 जुलाई को पोर्टल खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर बुक हो गए थे। प्रशासन द्वारा 5 अगस्त से 10 अगस्त तक के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के स्लॉट रविवार को फिर से खोले गए, लेकिन महज ढाई घंटे में ही सभी स्लॉट भर गए। प्रतिदिन 175 ऑनलाइन स्लॉट बुक किए जा रहे हैं।

ऑफलाइन पंजीकरण का विकल्प: जिन श्रद्धालुओं के ऑनलाइन स्लॉट बुक नहीं हो पाए हैं, वे अब तंगलिंग बेस कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण कराकर यात्रा पर जा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद तंगलिंग बेस कैंप से टोकन लेना भी आवश्यक है। बिना टोकन वाले श्रद्धालुओं को गणेश बाग स्थित दूसरे बेस कैंप से वापस भेजा जा रहा है।
प्रशासन की व्यवस्थाएं: शुरुआती दिनों में बिना टोकन वाले श्रद्धालुओं के प्रति प्रशासन ने नरमी बरती थी, लेकिन अब नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। तंगलिंग बेस कैंप से श्रद्धालुओं को दोपहर 1:00 बजे तक ही यात्रा पर जाने की अनुमति है।
श्रद्धालुओं के आराम और दर्शन की व्यवस्था: श्रद्धालु गणेश बाग में बने दूसरे बेस कैंप में आराम कर रहे हैं। यहां से उन्हें रात में 2 से 4 बजे के बीच शिवलिंग तक के लिए भेजा जा रहा है। तड़के रवाना होने से श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन कर दोपहर तक वापस गणेश पार्क पहुंच रहे हैं।

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एसडीएम कल्पा ने दी जानकारी: यात्रा समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम कल्पा, प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि सभी ऑनलाइन स्लॉट बुक हो चुके हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से ऑफलाइन पंजीकरण का लाभ उठाने की अपील की है। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है।


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