मुख्यमंत्री धामी ने कारगिल विजय दिवस पर परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ करने की घोषणा की है। उन्होंने कारगिल शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित उनके परिजनों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सैनिकों व पूर्व सैनिकों के जिला अदालतों में भूमि धोखाधड़ी के जो मामले लंबित हैं, उनका शीघ्र निपटारा करने के प्रयास किए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसके साथ ही सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। बलिदानी परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता, वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा व सेवारत और पूर्व सैनिकों को संपत्ति क्रय पर स्टांप शुल्क में छूट दी गई है।
अंतिम चरण में सैन्य धाम का निर्माण
सीएम ने कहा, देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। राज्य के प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का प्रेरणा स्थल बनेगा। राज्य सरकार अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल गठित किया जा रहा है।







