सूचना अधिकार के अंतर्गत मांगी गई जानकारी समय से उपलब्ध न कराने पर सूचना आयोग ने एक अधिकारी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सूचना देने में देरी होने के आधार पर आयोग ने आवेदक को वह फीस लौटाने का भी आदेश दिया है जो उनसे सूचना देने के बदले ली गई थी।
लोक सूचना अधिकारी विभागीय और आयोग में की गई अपील के दौरान भी उपस्थित नहीं हुए। आयोग ने माना कि यह अधिकारी की सूचना अधिकार कानून के प्रति लापरवाही को दिखाता है। उत्तराखंड सूचना आयुक्त ने कहा कि लोक सूचना अधिकारियों को सूचना अधिकार के प्रति संवेदनशील और जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी पर यह एक सांकेतिक जुर्माना लगाया गया है।






