पन्ना जिले के रैपुरा थाने में बुधवार 22 जुलाई को हुई घटना को लेकर आखिरकार थाना प्रभारी स्मिता सिंह बघेल ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया। थाना प्रभारी ने लापरवाही के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि थाने की शासकीय कार क्रमांक एमपी-03 ए-2067 में चाबी नहीं लगी थी। उन्होंने बताया कि वाहन काफी पुराना होने के कारण वह किसी भी चाबी से स्टार्ट हो सकता है।
थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस की बोलेरो काफी पुरानी है और उसमें कोई भी मोटरसाइकिल या अन्य चाबी लगाकर उसे स्टार्ट किया जा सकता है। वाहन में चाबी नहीं लगी थी। उन्होंने बताया कि ड्राइवर साइड का गेट भी लॉक नहीं होता है और खिड़की का कांच नीचे कर अंदर से गेट खोलना पड़ता है। शासकीय वाहन की खराब स्थिति के कारण वह स्वयं पन्ना जाने के लिए निजी वाहन का उपयोग कर रही थीं।
एसपी ने कहा- आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
पुलिस ने बताया कि आरोपी सुखेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, पुलिस अभिरक्षा से शासकीय वाहन ले जाने के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना। हादसे में आठ लोग घायल हुए थे, जिनमें से गंभीर रूप से घायल दो लोगों को परिजनों की इच्छा पर कटनी रेफर किया गया।
थाने से कार ले उड़ा शराबी, बाजार में मचाया तांडव
गौरतलब है कि बुधवार 22 जुलाई को रैपुरा कस्बे में साप्ताहिक हाट बाजार लगा था। सैकड़ों लोग खरीदारी कर रहे थे। मुंशी द्वारा बाहर भेजे जाने के बाद सुखेंद्र बुंदेला की नजर थाने परिसर में खड़ी पुलिस की शासकीय कार पर पड़ी। मौका मिलते ही उसने कार स्टार्ट की और तेज रफ्तार में सड़क पर निकल गया।
हाट बाजार में आरोपी ने तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए कई लोगों को टक्कर मार दी। कटनी तिराहे पर उसने मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी-35 एमजे-3283 को जोरदार टक्कर मारी, जिससे बाइक सवार दूर जा गिरा और मोटरसाइकिल कार के नीचे फंस गई। आरोपी कार के नीचे फंसी बाइक को लगभग 200 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। इसके बाद उसने स्कूटी क्रमांक एमपी-20 एसक्यू-2276 को भी टक्कर मार दी।
मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया। इसके बाद कार सड़क किनारे खड़ी पांडेय बस क्रमांक एमपी-20 पीए-0965 से टकरा गई, जिससे शासकीय बोलेरो भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
थाने में घुसी 100 से 150 लोगों की उग्र भीड़
पुलिस और स्थानीय लोगों ने आरोपी को अवंतीबाई चौक पर पकड़ लिया और उसे थाने ले आए। घटना से आक्रोशित लगभग 100 से 150 लोगों की भीड़ भी पुलिस के पीछे-पीछे थाने पहुंच गई। गुस्साई भीड़ थाने के एचसीएम (HCM) कक्ष तक पहुंच गई और आरोपी की पिटाई करने का प्रयास किया। उस समय थाने में मौजूद केवल दो आरक्षकों ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को भीड़ से बचाकर सुरक्षित लॉकअप में बंद किया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस के आश्वासन पर भीड़ शांत हुई।
इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जिन्हें तत्काल रैपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। घायलों में मुख्य रूप से रमेश चौधरी (37), जलसा बाई (36), प्रमोद नायक (55), हेमलता बाल्मीकि (38), बेबी बाई (42), संतोष रैकवार, विमला बाई और काशी प्रसाद लोधी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपी सुखेंद्र सिंह बुंदेला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) (चोरी), 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), 125(ए) (जान-माल को खतरे में डालना/चोट पहुंचाना) तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, शुक्रवार 24 जुलाई को रैपुरा पुलिस ने आरोपी का नगर के विभिन्न चौराहों से जुलूस भी निकाला।







