संसद का मॉनसून सत्र- दोनों सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित, खरगे बोले- प्रधान के इस्तीफे तक चर्चा संभव नहीं

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मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। बीते तीन दिन संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का जोरदार हंगामा जारी रहा, जिसके चलते कई बार कार्यवाही स्थगित हुई है। पढ़िए…

 

मकर द्वार पर आमने-सामने आए पक्ष-विपक्ष

संसद परिसर में गुरुवार को एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने मकर द्वार पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर एक साथ प्रदर्शन किया।

विपक्षी सांसद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नीट पेपर लीक विवाद के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं, एनडीए सांसद इस मुद्दे पर संसद में चर्चा से विपक्ष के इनकार और कथित तौर पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोप को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

इस दौरान तनाव तब बढ़ गया, जब माकपा सांसद जॉन ब्रिटास भाजपा नेता अरुण सिंह के हाथ से पोस्टर खींचते हुए दिखाई दिए। दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आ गए, जिसके बाद संसद की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने बीच में मानव श्रृंखला बनाकर दोनों समूहों को अलग किया।

आमने-सामने की इस स्थिति के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और बीजेपी नेताओं के बीच नारेबाजी भी हुई। इस घटना पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर संसद में बहस से ‘भागने’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ बातचीत हुई है।

 

 

 

खरगे ने पूछा- पहले दिन से चर्चा चाहते थे, सरकार तैयार क्यों नहीं थी?

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, तो जिस दिन हमने मांग की थी, उसी दिन चर्चा शुरू हो जानी चाहिए थी। पहले क्यों तैयार नहीं थे? बाद में आपने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया।

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उन्होंने कहा, हम संसद सदस्य हैं, लेकिन आज सत्तापक्ष के लोगों ने ही संसद का दरवाजा रोक दिया। उन्हें शर्म आनी चाहिए। जब तक वह इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक यह नहीं चलेगा। अब तक प्रधानमंत्री चुप क्यों थे? अगर आज की स्थिति के लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने खुलकर अपने सांसदों से छात्रों के आंदोलन का जवाब देने को कहा है। प्रधानमंत्री का इरादा ठीक नहीं है। उन्होंने कई मुद्दों पर कभी कुछ नहीं कहा।

राहुल गांधी संसद में बहस नहीं चाहते: रविशंकर प्रसाद

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है, क्योंकि सरकार युवाओं के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी संसद में चर्चा नहीं चाहते। उन्होंने किसी को बताए बिना धरना दिया। वे गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करते हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, हम सभी युवाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खुली चर्चा के लिए तैयार हैं। हमारे पास कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन उनका काम सिर्फ अराजकता फैलाना है।

विपक्ष और राहुल गांधी गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे: मनोज तिवारी

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा, विपक्ष और राहुल गांधी गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। ये लोग तख्तियां लेकर आते हैं। लेकिन मुद्दे पर चर्चा नहीं करते। उन्होंने कहा, आज हम सभी जानना चाहते हैं कि वे चर्चा से क्यों भाग रहे हैं। संसद में नीट के मुद्दे पर चर्चा कीजिए। प्रधानमंत्री मोदी कह चुके हैं कि पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

कल्याण बनर्जी ने पार्टी के 20 बागी सदस्यों के खिलाफ प्रदर्शन किया

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी ने उन 20 बागी सांसदों के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया, जिन्होंने अलग समूह बना लिया है और एनडीए को समर्थन देने की इच्छा जताई है।

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