हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 48 घंटों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
रेड अलर्ट के बीच मंगलवार अल सुबह से चंबा जिले में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तीसा-चंबा मुख्य मार्ग पर कंदला नाला उफान पर आने से चांजू से चंबा आ रही एक निजी बस मंगलवार सुबह करीब आठ बजे नाले के बीच फंस गई। बस में 20 से 25 यात्री सवार थे, जिन्हें काफी देर तक बस के भीतर ही इंतजार करना पड़ा। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण चालक ने आगे बढ़ने का जोखिम नहीं उठाया।
लगातार बारिश के कारण जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 12 संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क अस्थायी रूप से कट गया है और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मार्गों को बहाल करने में जुटी हैं।
इधर, भटियात विधानसभा क्षेत्र की कामला पंचायत में लगातार बारिश के चलते खग्गल कूहल का पानी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालय कामला परिसर में घुस गया। देखते ही देखते पूरा स्कूल परिसर तालाब में बदल गया। पानी स्कूल भवन और मैदान तक पहुंचने से विद्यार्थियों और शिक्षकों की आवाजाही प्रभावित हुई। परिसर में कई स्थानों पर जलभराव और फिसलन की स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार भारी बारिश के दौरान कूहल उफान पर आ जाती है, जिससे स्कूल परिसर जलमग्न हो जाता है। उन्होंने प्रशासन से कूहल की निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित न हो। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और खड्डों के पास न जाने, मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।








