बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र का आगाज हो चुका है। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही में नवनिर्वाचित सदस्यों का मनोनयन, विभिन्न समितियों का गठन, शोक प्रस्ताव और वित्तीय कार्य सहित कई महत्वपूर्ण कार्य निपटाए गए। वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन पटल पर रखा। 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया गया। इस दौरान विपक्ष भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में दिखा और तख्ती लगाकर नारेबाजी भी की। सत्र शुरू होने से पहले स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से शिष्टाचार मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। वैसे, विधान परिषद् में मंत्री निशांत कुमार का विशेष तौर पर स्वागत हुआ, क्योंकि आज उनका जन्मदिन भी है।
बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले महागठबंधन के विधायकों ने नीट पेपर लीक और बढ़ते अपराध को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इतना ही नहीं विपक्ष के विधायकों ने सदन में भी हंगामा किया। वहीं एनडीए के विधायकों ने तेजस्वी यादव के विदेश दौरे पर सवाल उठाया और पूछा कि कब तक आएंगे तेजस्वी यादव यह जवाब आप लोग क्यों नहीं देते हैं? आखिर नेता प्रतिपक्ष बिहार से कब तक गायब रहेंगे? हालांकि स्पीकर के समझाने के बाद दोनों पक्ष के विधायक शांत हुए।
विधानसभा की जारी कार्यसूची के अनुसार सदन की शुरुआत अध्यक्ष के प्रारंभिक संबोधन से हुई। इसके बाद बिहार विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के तहत अस्थायी सदस्यों का मनोनयन किया गया। कार्य-मंत्रणा समिति के गठन का प्रस्ताव भी सदन में रखा गया। औपचारिक कार्य के दौरान माननीय राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों की प्रतियां सदन के पटल पर रखी गई।
बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के बीच पारित अनुपूरक मांगों से संबंधित संदेशों का विवरण और विधानसभा की विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत करने की औपचारिकता की गई। पहले दिन के वित्तीय कार्यों में वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरण का उपस्थापन सबसे महत्वपूर्ण था, जिसकी औपचारिकता के बाद शोक प्रस्तावों के साथ मंगलवार तक के लिए विधानसभा स्थगित कर दी गई।








