गंगनहर में मासूम बच्ची के साथ छलांग लगाने की घटना के पीछे पति-पत्नी के बीच रास्ते में हुआ विवाद वजह बनकर सामने आ रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पति अपनी बीमार मां से मिलने देहरादून जाना चाहता था, जबकि पत्नी मायके छोड़ने की जिद कर रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में बड़े हादसे में बदल गई।
पुलिस के अनुसार अर्जुन (35) निवासी कोटा मुरादनगर थाना कलियर अपनी पत्नी सविता (30), एक वर्षीय बेटी नोनी और चार वर्षीय पुत्र नक्श के साथ बाइक से ससुराल गांव रायपुर दरेड़ा जा रहा था। जब परिवार दौलतपुर के पास पहुंचा तो रास्ते में पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने पर सविता ने अर्जुन से मोटरसाइकिल रोकने के लिए कहा। जैसे ही मोटरसाइकिल रुकी, सविता ने बेटी नोनी को गोद में उठाया और देखते ही देखते गंगनहर में छलांग लगा दी।
घटना देख पति व बेटा चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने महिला और बच्ची की तलाश के लिए सर्च अभियान शुरू किया। क्षेत्राधिकारी संजय चौहान ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम लगातार गंगनहर में तलाश में जुटी है। परिजनों से भी पूछताछ कर घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, कोटा मुरादानगर निवासी अर्जुन पेशे से एल्यूमीनियम स्ट्रक्चर बनाने का कारीगर है। अर्जुन और सविता का विवाह 2021 में हुआ था।
अर्जुन ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसकी मां देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती हैं और वह उनसे मिलने जाने की तैयारी में था। इसी बीच पत्नी ने उसे पहले मायके छोड़ने की बात कही। पति के अनुसार, वह पत्नी को बाइक से मायके छोड़ने के लिए निकला, लेकिन रास्ते में दोनों के बीच फिर विवाद होने लगा।
बताया गया कि बहस के दौरान महिला ने गुस्से में बाइक रोकने के लिए कहा। बाइक रुकते ही वह बच्ची को लेकर तेजी से गंगनहर की ओर दौड़ी और उसने तुरंत नहर में छलांग लगा दी।
अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसने पत्नी और बच्ची को बचाने के लिए नहर किनारे तक दौड़ लगाई और खुद भी पानी में उतरने की कोशिश की, लेकिन तैरना नहीं आने के कारण पीछे हट गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह घटनाक्रम पति के बयान पर आधारित है। मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।






