देहरादून- लखवाड़ बांध परियोजना निर्माण स्थल पर अचानक गिरा भारी मलबा, डंपर और जेसीबी क्षतिग्रस्त

लखवाड़ बांध परियोजना के निर्माण स्थल पर अचानक मलबा और पत्थर गिरने से एक जेसीबी और डंपर क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि हादसे के समय चालक और श्रमिक माैजूद नहीं थे। घटना शनिवार की रात 10 के करीब हुई।

लखवाड़ बांध परियोजना के निर्माण स्थल पर रात दस बजे अचानक से भारी-भरकम पत्थर गिरने लगे। इस दौरान पहाड़ी के नीचे सटाकर पार्क किए गए जेसीबी और एक डंपर क्षतिग्रस्त हो गए। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही निर्माण एजेंसी से संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

उन्होंने क्षतिग्रस्त डंपर व जेसीबी पर गिरे मलबे को हटाना शुरू किया। पत्थर व मलबा गिरने की घटना रात में घटने के कारण बड़ा हादसा टल गया। अन्यथा निर्माण स्थल पर कार्य करने वाले श्रमिक, अधिकारी-कर्मचारी व वाहन चालक भी चपेट में आ सकते थे।

लखवाड़ बांध परियोजना का निर्माण करा रही एलएनटी के महाप्रबंधक एपी सिंह ने बताया कि भारी वर्षा की चेतावनी के चलते कार्य बंद था। इस कारण कोई भी श्रमिक व अधिकारी-कर्मचारी निर्माण स्थल पर मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त वाहनों को मलबे से निकाल लिया गया है।

 

तीन दिन पहले मलबे से बाल-बाल बचा था चालक

लखवाड़ बांध परियोजना के निर्माण स्थल पर बृहस्पतिवार को भी अचानक से भारी मलबा गिरा था। इस दौरान एक जेसीबी मौके पर मौजूद थी जिसके चालक ने जेसीबी से कूदकर और दूसरी दिशा की ओर भागते हुए बमुश्किल जान बचाई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वॉयरल हुआ था।

और पढ़े  देहरादून: BJP की संगठनात्मक बैठक में जुटे मंत्री और पदाधिकारी, राम माधव, बांसुरी स्वराज करेंगी संबोधित

 

 

ह्यूमन राइट एंड आरटीआई एसोसिएशन ने निर्माण कंपनी पर कार्य के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है जिस प्रकार से लखवाड़ बांध निर्माण स्थल पर किसी भी समय मलबा व पत्थर गिर रहे हैं, उससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पूर्णरूप से पालन किए जाने की बात कही है।

  • Related Posts

    जाम से हाहाकार: नैनीताल की बिगाड़ी यातायात व्यवस्था, डायवर्ट रूट से ज्योलीकोट पहुंचे पर्यटकों ने दिया धरना

    तीन दिन की छुट्टी के चलते नैनीताल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ का असर ज्योलीकोट मार्ग पर भी देखने को मिला। रविवार को ज्योलीकोट में लंबा जाम लगने से पर्यटक…

    उत्तराखंड / चंपावत: युवाओं को सौगात, डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, कुक्कुट पालकों को दो करोड़ की सब्सिडी, जानें..

    राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। चुनावी वर्ष में सरकार ने…