क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार परसौना गांव निवासी कुसुम (38 वर्ष) ने अपने बच्चों मधु (12 वर्ष), राधिका (10 वर्ष) और सत्या (8 वर्ष) को जहर देकर खुद भी खा लिया। हालत बिगड़ने पर चारों को पीएचसी मड़िहान लाया गया, जहां से हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर किया गया।
इलाज के दौरान जिला अस्पताल में ही कुसुम और राधिका की मौत हो गई। जबकि मधु और सत्या की हालत गंभीर देख ट्रॉमा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान सत्या ने भी दम तोड़ दिया। वहीं मधु की हालत गंभीर बनी हुई है।
संतनगर थाना क्षेत्र के कुसुम्हा गांव निवासी कुसुम के भाई छोटू ने बताया कि बहनोई धर्मेंद्र दिल्ली में रहता है। चार दिन पहले घर आया था। कुसुम को शक था कि उसने दूसरी शादी कर ली है। इस विवाद को लेकर 12 जुलाई रविवार को मायके शीतलगढ़ में पूर्व ग्राम प्रधान के घर समझौता हुआ था कि धर्मेंद्र 13 जुलाई सोमवार को कुसुम को विदा कराकर ले जाएगा, लेकिन वह घर आकर चला गया और विदा नहीं कराया। इसी से आहत होकर कुसुम ने यह कदम उठाया।