वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे में बचाए गए 16 भारतीय पर्यटक अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद स्वदेश लौट रहे हैं। वहीं हादसे में जीवित बचे एक भारतीय पर्यटक का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी।
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें 17 भारतीय पर्यटक और चारों स्थानीय चालक दल के सदस्य शामिल थे। बचाए गए पर्यटकों में दो की हालत गंभीर थी।
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि हादसे में बचाए गए 15 पर्यटकों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे भारत लौट रहे हैं। गंभीर रूप से घायल दो मरीजों में से एक को भी अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वह भारत के लिए रवाना हो गया है। जबकि दूसरा घायल अब भी फु क्वोक के एक अस्पताल में उपचाराधीन है।
दूतावास की टीम क्या कर रही है?
भारतीय दूतावास ने बताया कि दूतावास और वाणिज्य दूतावास की टीमें फु क्वोक में मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
फु क्वोक द्वीप क्यों है खास?
फु क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, खूबसूरत कोरल रीफ और आइलैंड हॉपिंग जैसी पर्यटन गतिविधियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। बताया जा रहा है कि सभी भारतीय पर्यटक द्वीप भ्रमण के बाद वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान कहां की है?
भारतीय दूतावास की ओर से साझा की गई सूची के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में 10 तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के रहने वाले थे। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी 15 शव बरामद कर लिए गए हैं। फिलहाल हादसे की सटीक वजह का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच जारी है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।






