कैलिफोर्निया में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो किशोरों ने बिना ड्राइवर वाली ‘वेमो रोबोटैक्सी’ (Waymo Robotaxi) के भीतर हुड़दंग करने की कोशिश की। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि गाड़ी का अपना दिमाग और सुरक्षा सिस्टम भी है। जैसे ही गाड़ी के भीतर नियमों का उल्लंघन हुआ, इस ऑटोनॉमस टैक्सी ने तुरंत अधिकारियों से संपर्क किया, खुद को एक सुरक्षित पार्किंग लॉट में खड़ा किया और तब तक वहां जमी रही जब तक कि पुलिस ने आकर दोनों हुड़दंगियों को हिरासत में नहीं ले लिया। सन मेटियो पुलिस विभाग ने इन दोनों 15 वर्षीय किशोरों को पकड़ लिया है।
यह घटना अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुकी है, जिसने सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के सुरक्षा तंत्र (सेफ्टी सिस्टम) और आपातकालीन स्थितियों में उनके ऑनबोर्ड कैमरों व माइक्रोफोन की उपयोगिता को साबित कर दिया है।
सार्वजनिक सड़कों पर सेल्फ-ड्राइविंग कारों का भविष्य क्या है?
यह घटना उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो सोचते हैं कि बिना ड्राइवर की गाड़ी में वे कुछ भी कर सकते हैं:
- लगातार बढ़ रहा है रोबोटैक्सी का दायरा:
वेमो की ऑटोनॉमस राइड-हेलिंग सेवा (टैक्सी सेवा) वर्तमान में अमेरिका के कई शहरों में सफलतापूर्वक चल रही है। और ये गाड़ियां आम जनता के लिए लगातार उपलब्ध हो रही हैं। - सेंसर और कैमरों से लैस कनेक्टेड व्हीकल्स:
परिवहन अधिकारी और शोधकर्ता लगातार इन स्वायत्त वाहनों के फायदों और चुनौतियों का अध्ययन कर रहे हैं। सन मेटियो का यह मामला याद दिलाता है कि भले ही इन रोबोटैक्सी में कोई इंसानी ड्राइवर न बैठा हो, लेकिन ये हमेशा नेटवर्क से जुड़े रहते हैं। इनके ऑनबोर्ड सेंसर्स और कैमरे किसी भी अप्रिय घटना को न सिर्फ रिकॉर्ड कर सकते हैं। बल्कि जरूरत पड़ने पर आपातकालीन प्रतिक्रिया और पुलिस की मदद भी ले सकते हैं।






