रोबोटैक्सी के अंदर हुड़दंग मचाना पड़ा भारी, बिना ड्राइवर वाली कार ने खुद पुलिस बुलाकर कराया गिरफ्तार

कैलिफोर्निया में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो किशोरों ने बिना ड्राइवर वाली ‘वेमो रोबोटैक्सी’ (Waymo Robotaxi) के भीतर हुड़दंग करने की कोशिश की। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि गाड़ी का अपना दिमाग और सुरक्षा सिस्टम भी है। जैसे ही गाड़ी के भीतर नियमों का उल्लंघन हुआ, इस ऑटोनॉमस टैक्सी ने तुरंत अधिकारियों से संपर्क किया, खुद को एक सुरक्षित पार्किंग लॉट में खड़ा किया और तब तक वहां जमी रही जब तक कि पुलिस ने आकर दोनों हुड़दंगियों को हिरासत में नहीं ले लिया। सन मेटियो पुलिस विभाग ने इन दोनों 15 वर्षीय किशोरों को पकड़ लिया है।

यह घटना अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुकी है, जिसने सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों के सुरक्षा तंत्र (सेफ्टी सिस्टम) और आपातकालीन स्थितियों में उनके ऑनबोर्ड कैमरों व माइक्रोफोन की उपयोगिता को साबित कर दिया है।

 

 

वेमो रोबोटैक्सी ने अचानक रुककर पुलिस का इंतजार क्यों किया?

सन मेटियो पुलिस विभाग ने इस पूरी घटना की जानकारी अपने फेसबुक पोस्ट पर एक वीडियो के साथ साझा की है। जिसमें कई पुलिस अधिकारी रुकी हुई वेमो कार के पास जाते दिख रहे हैं। पुलिस ने पोस्ट में चुटकी लेते हुए लिखा, “माता-पिता, क्या आप जानते हैं कि आपके बच्चे कहां हैं? वेमो को जरूर पता है!”

यहां जानते हैं इस घटना के अहम बातें:

  • चलती कार से वाटर गन चलाना:
    पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों किशोर गाड़ी के भीतर बैठकर शराब पी रहे थे और खिड़कियों से ‘ऑर्बीज’ ( पानी सोखने वाली छोटी मोतियां/मोम की गोलियां) से भरी टॉय वाटर गन से बाहर की तरफ गोलियां चला रहे थे।
  • नकली हथियारों के इस्तेमाल पर पुलिस की चेतावनी:
    पुलिस ने दोनों को गाड़ी से बाहर निकाला और जनता के बीच ऐसी नकली बंदूकें ले जाने के जोखिमों पर सख्त चेतावनी दी। पुलिस विभाग ने कहा, खिलौना बंदूकें, वाटर गन और बीबी गन सभी वास्तविक खतरे पैदा करती हैं, खासकर एक आम इंसान की नजर में। इन्हें हाथ में लेने मात्र से ही राहगीरों में डर पैदा हो सकता है।

हालांकि, अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि गाड़ी ने किस सटीक ट्रिगर या घटनाक्रम के बाद पुलिस को अलर्ट भेजा। वेमो कंपनी ने भी अभी तक मीडिया के इस सवाल पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

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क्या कैमरे और माइक्रोफोन वेमो के सुरक्षा सिस्टम का हिस्सा हैं?

वेमो कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, उनके स्वायत्त वाहनों (ऑटोनॉमस व्हीकल्स) में यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अंदरूनी कैमरे और माइक्रोफोन लगाए जाते हैं। इनके कामकाज की व्याख्या नीचे दी गई है:

  • यात्रियों की सुरक्षा और लाइव वीडियो एक्सेस:
    वेमो का कहना है कि किसी भी आपातकालीन या गंभीर परिस्थिति में उनका सपोर्ट स्टाफ यात्रा के दौरान लाइव वीडियो को एक्सेस कर सकता है। इस घटना से यह साफ हो गया है कि रोबोटैक्सी के अंदर कोई भी संदिग्ध गतिविधि होने पर यह सिस्टम एक्टिव हो जाता है।
  • खोए हुए सामान और साफ-सफाई की निगरानी:
    इन इन-कार कैमरों का इस्तेमाल गाड़ी में छूटे हुए सामान को खोजने और कार की साफ-सफाई की स्थिति की पुष्टि करने के लिए भी किया जाता है।
  • बायोमेट्रिक डेटा पर पाबंदी:
    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे यात्रियों की पहचान करने के लिए किसी भी तरह की फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) या अन्य बायोमेट्रिक पहचान तकनीकों का उपयोग नहीं करते हैं।

 

सार्वजनिक सड़कों पर सेल्फ-ड्राइविंग कारों का भविष्य क्या है?

यह घटना उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो सोचते हैं कि बिना ड्राइवर की गाड़ी में वे कुछ भी कर सकते हैं:

  • लगातार बढ़ रहा है रोबोटैक्सी का दायरा:
    वेमो की ऑटोनॉमस राइड-हेलिंग सेवा (टैक्सी सेवा) वर्तमान में अमेरिका के कई शहरों में सफलतापूर्वक चल रही है। और ये गाड़ियां आम जनता के लिए लगातार उपलब्ध हो रही हैं।
  • सेंसर और कैमरों से लैस कनेक्टेड व्हीकल्स:
    परिवहन अधिकारी और शोधकर्ता लगातार इन स्वायत्त वाहनों के फायदों और चुनौतियों का अध्ययन कर रहे हैं। सन मेटियो का यह मामला याद दिलाता है कि भले ही इन रोबोटैक्सी में कोई इंसानी ड्राइवर न बैठा हो, लेकिन ये हमेशा नेटवर्क से जुड़े रहते हैं। इनके ऑनबोर्ड सेंसर्स और कैमरे किसी भी अप्रिय घटना को न सिर्फ रिकॉर्ड कर सकते हैं। बल्कि जरूरत पड़ने पर आपातकालीन प्रतिक्रिया और पुलिस की मदद भी ले सकते हैं।
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