उत्तरप्रदेश विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर 26 घंटे तक छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी, हीरे के आभूषण और 1.62 करोड़ रुपये नकद मिले। आभूषणों की कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
तलाशी के दौरान घर में कई लॉकर मिले, जिनमें सोने-चांदी के बिस्किट, जेवरात और भारी मात्रा में नकदी रखी गई थी। जांच में विभिन्न अचल संपत्तियों में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए, जिनकी अनुमानित कीमत 13 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा टोयोटा इनोवा और हुंडई आई-20 कार, रिवॉल्वर, बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रमाण भी मिले हैं।
डेढ़ साल तक एआरटीओ रायबरेली में आरआई के पद पर किया कार्य
आगरा के तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार का रायबरेली के नूर मार्केट मिलन सिनेमा गली में मकान है। ललित कुमार ने शहर के जीआईसी में पढ़ाई की थी। साथ ही रायबरेली के जिस मकान में वह परिवार के साथ रहते थे। उनको पाटीदार के रूप में मिला था।
वर्ष 2010-11 में ललित कुमार रायबरेली एआरटीओ कार्यालय में आरआई के पद पर भी कार्यरत रहे थे। करीब डेढ़ साल तक वह आरआई के पद पर रायबरेली में काम करते रहे। इसके बाद स्थानांतरण हुआ था। आरआई बनने से पहले वह रोडवेज में फोरमैन थे।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि तीन माह पहले ललित कुमार रायबरेली आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने किरायेदार से कब्जा लिया था। इनके मकान में तीन दुकानें हैं, जो किराये पर उठी थीं। एक किरायेदार संतोष चौधरी से दुकान पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया था। जिसका मामला कोर्ट गया था। कोर्ट का फैसला आने के बाद ललित कुमार तीन माह पहले दुकान का कब्जा लेने आए थे।







