अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर बड़ा हमला बोला है। सेंटकॉम ने जानकारी दी कि उसने ईरान के 80 ठिकानों को निशाना बनाया। ऐसे में एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। ईरान में शोक के माहौल के बीच पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का जनाजा भी निकाला जा रहा है। अब तुर्किये में आयोजित नाटो समिट के दौरान ट्रंप ने ईरान के लोगों का नाम लिए बिना उन्हें बेवकूफ करार दिया।
इस्राइल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटा लेगा- ट्रंप
सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान से हट जाएगी। अंकारा में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वे ऐसा करने जा रहे हैं। मुझे लगता है कि वे ऐसा करना चाहते हैं’। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई समय-सीमा या ज्यादा जानकारी नहीं दी।
मर्ज ने ईरान के साथ टिकाऊ समझौते पर दिया जोर
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का कहना है कि उन्होंने ट्रंप से कहा है कि ईरान के साथ कोई भी समझौता टिकाऊ होना चाहिए, साथ ही उन्होंने हाल ही में संघर्ष-विराम के उल्लंघन के लिए तेहरान को जिम्मेदार ठहराया है।
ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी सांसद ने कहा- इंतजार है
ईरानी नेता, ईरान के तेल निर्यात के मुख्य केंद्र ‘खार्ग द्वीप’ पर हमले की ट्रंप की धमकी का कड़ा विरोध कर रहे हैं। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने एक्स पर लिखा- ‘आओ- हम तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं, और हम वादा करते हैं कि एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा वापस नहीं लौटेगा’। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री अली अकबर वेलायती ने तनाव बढ़ने की इस ताजा घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर कहा कि ईरान ने ‘पहले ही चेतावनी दी थी कि यह इलाका छोटे देशों की राजनीतिक जुएबाजी की जगह नहीं है’ और वह ‘इस इलाके को साफ करने के लिए ट्रिगर पर उंगली रखे तैयार खड़ा है’।
ईरानी हमलों ने अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया- मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते का उल्लंघन थे। उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों को अंजाम देने का ईरान का फैसला एक गलती थी, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी रहेगी।
ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू करेगा अमेरिका?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कई कमर्शियल जहाजों पर हमले के बाद वे ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर सकते हैं। नाटो समिट में उन्होंने कहा, ‘हम नाकेबंदी फिर से लागू कर सकते हैं’। ‘और यह नाकेबंदी सिर्फ ईरान के लिए होगी, बाकी कोई भी कुछ भी कर सकता है, जाहिर है’।
ईरान के साथ भविष्य में होने वाली डील पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ भविष्य में होने वाले किसी भी परमाणु समझौते के टिके रहने पर शक जताया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मुझे पक्का नहीं है कि ईरान के मामले में ऐसा होगा। अगर हम ईरान के साथ कोई डील करते हैं, तो मुझे यकीन नहीं है कि वह टिक पाएगी, क्योंकि मुझे वे बहुत बेईमान लोग लगे हैं’।





