बाढ़ का कहर: ओडिशा में महानदी का खतरा बढ़ा, असम में बाढ़ पीड़ितों को EMI से राहत

देश के दो राज्यों में बाढ़ ने अलग-अलग तस्वीर पेश की है। ओडिशा में महानदी के जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं असम में तबाही के बीच सरकार ने राहत देते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए छह महीने तक लोन की किस्तें टालने का फैसला किया है।

ओडिशा में हाई अलर्ट क्यों जारी किया गया?

ओडिशा में महानदी नदी प्रणाली में मध्यम बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कटक के मुंडाली बैराज के पास करीब नौ लाख क्यूसेक पानी बह रहा है, जिससे खुर्दा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

 

अगले 36 घंटे क्यों माने जा रहे हैं अहम?

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि अगले 36 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे। महानदी में जल प्रवाह चरम पर पहुंचने की संभावना है। आठ लाख क्यूसेक से अधिक पानी को महानदी में मध्यम बाढ़ की श्रेणी माना जाता है।

 

अथागढ़ और बडंबा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुसने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव दलों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। महानदी और उसकी सहायक नदियों के तटबंधों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। अब तक बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

 

अब तक कितने लोग प्रभावित हुए?

राज्य सरकार के अनुसार हालिया बाढ़ से 20 जिलों के सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 520 राहत शिविरों में रखा गया है। बालासोर, भद्रक और जाजपुर के 21 गांव अब भी पानी से घिरे हुए हैं, जबकि 1,352 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

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असम सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को क्या राहत दी?

असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों के लिए सभी प्रकार के कर्ज की किस्तों पर छह महीने का मोरेटोरियम देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के पात्र कर्जदारों को यह सुविधा मिलेगी। बैंकों द्वारा प्रभावित लोगों का आकलन करने के बाद यह राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत के अनुसार लोन की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष तक की जा सकती है। जिन छोटे कारोबारियों की दुकानें बाढ़ में पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उन्हें बिना नए गिरवी के 10 हजार रुपये अतिरिक्त ऋण सहायता दी जाएगी। वहीं बाढ़ प्रभावित शिवसागर और चराइदेव के प्रत्येक नामघर के पुनर्निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता देने की भी घोषणा की गई है।

 

असम में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। फिलहाल चार जिलों के 2.12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। प्रशासन 112 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां 75 हजार से अधिक लोगों को आश्रय दिया गया है।

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