पुणे के लोहागढ़ किले से गिरकर जान गंवाने वाले केतन अग्रवाल मामले में एक और दुखद घटनाक्रम सामने आया। केतन के 71 वर्षीय दादा देवीचंद अग्रवाल का शनिवार रात निधन हो गया। परिवार का कहना है कि पोते की मौत के बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और उन्हें गहरा सदमा लगा था। इस बीच पुलिस हत्या के मामले की जांच तेज करते हुए मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है।
पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया है?
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हुई थी, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच में पुलिस को संदेह है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल इस समय शादी नहीं करना चाहती थीं और उन पर परिवार की ओर से विवाह का दबाव था। पुलिस का मानना है कि इसी कारण कथित साजिश रची गई। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
सिया गोयल और चेतन चौधरी को लेकर पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने गुरुवार को मुख्य आरोपी सिया गोयल को पुणे के लुल्लानगर इलाके में उस स्थान पर ले जाकर घटनाक्रम दोबारा समझा, जहां कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देने की योजना का अभ्यास किया गया था। इसके अलावा पुलिस ने सिया गोयल के घर से घटना वाले दिन पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं। इससे पहले सह-आरोपी चेतन चौधरी को भी लोहागढ़ किले ले जाकर डमी की मदद से घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराया गया था, ताकि पूरी घटना की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
सिया गोयल के पिता ने क्या कहा?
सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने कहा कि पुलिस उनके घर आई थी, लेकिन उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस करीब 30 से 45 मिनट तक घर पर रही और अपनी कार्रवाई पूरी कर चली गई। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा कि वह फिलहाल इस मामले पर कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं।
अब आगे जांच किस दिशा में बढ़ेगी?
पुलिस अब तक जुटाए गए साक्ष्यों, घटनास्थल के पुनर्निर्माण और बरामद सामान के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित साजिश कैसे बनाई गई और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






