लेफ्टिनेंट जनरल एमएम लखेड़ा की बेटी अलका कुकरेती ने बताया कि उनके पिता बीते कुछ दिनों से देहरादून के निजी अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। ले. जनरल लखेड़ा का अंतिम संस्कार मंगलवार को हरिद्वार में किया जाएगा।
उनकी अंतिम यात्रा सुबह नौ बजे उनके आवास पनाश वैली से शुरू होगी। ले. जनरल लखेड़ा ने भारतीय सेना में लंबे समय तक उत्कृष्ट सेवाएं दीं और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए देश की सेवा की। उनके योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया था।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने मिजोरम और पुडुचेरी के राज्यपाल के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन किया। 21 अक्तूबर 1937 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के जखंड गांव में जन्मे ले. जनरल लखेड़ा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में करने के बाद आगे की पढ़ाई राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) से पूरी की। साल 1958 में भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून से भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया।
उन्होंने 1961 में गोवा की मुक्ति, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया। कश्मीर घाटी में ब्रिगेड और चौथी बटालियन कुमाऊं रेजिमेंट की कमान संभाली। इसके अलावा उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लेफ्टिनेंट गवर्नर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।