तीन जुलाई से शुरू हो रही 57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन की अभिलाषा लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को बालटाल और नुनवान आधार शिविरों में पहुंचेगा। यात्रा को लेकर घाटी पूरी तरह शिवमय हो गई है और प्रशासन, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड तथा सुरक्षा एजेंसियां श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले मौसम ने जरूर चुनौती पेश की। बालटाल आधार शिविर से पवित्र गुफा तक भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे दुर्गम मार्गों पर काम प्रभावित हुआ। हालांकि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मार्ग को सुचारु बनाने में जुटी हैं। बालटाल से पवित्र गुफा तक लगभग 14 किलोमीटर लंबे कठिन मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है।
बालटाल और नुनवान दोनों आधार शिविरों में भव्य लंगर, पंडाल और अन्य सुविधाएं तैयार हैं। देशभर से पहुंचे सेवा संगठनों के स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा के लिए उत्साहित हैं। शिविरों में भक्ति गीतों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्री बाबा अमरनाथ बर्फानी सेवा संस्थान, लखनऊ के स्वामी अर्पिता नंद ने बताया कि वे पिछले नौ वर्षों से लगातार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं और इस बार भी पूरी तैयारी के साथ पहुंचे हैं। वहीं सेवादार रत्नेश वर्मा ने कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
अभेद्य सुरक्षा घेरा
यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारतीय सेना ऑपरेशन शिवा के तहत ऊंचाई वाले इलाकों, संवेदनशील मार्गों और दर्रों पर लगातार निगरानी रख रही है। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन हॉक आई के माध्यम से खुफिया निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। सेना, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से यात्रा मार्ग की सुरक्षा में तैनात हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को प्रथम पूजा के बाद देशभर के श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में अमरनाथ यात्रा में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा, देशभर के श्रद्धालु आएं, धैर्य और श्रद्धा के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन करें। हमें विश्वास है कि इस वर्ष की यात्रा पिछले वर्ष से भी अधिक सफल और सुव्यवस्थित होगी।







