तीन दिन की गिरावट के बाद सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली में सोने के दाम में तेजी दर्ज की गई। व्यापारियों की मूल्य खरीदारी से सोने की कीमतों में 1,300 रुपये का उछाल आया। हालांकि, चांदी लगातार चौथे सत्र में कमजोर पड़ गई और 2,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट के साथ बंद हुई।
सोने की चमक क्यों लौटी?
सोने की कीमतों में यह उछाल व्यापारियों द्वारा मूल्य खरीदारी के कारण हुआ है। बाजार में हालिया सुधार के बाद निवेशकों ने कम दाम पर सोना खरीदा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 54.14 अमेरिकी डॉलर गिरकर 4,035.12 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया। यह गिरावट 1.32 फीसदी की रही। घरेलू बाजार में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है।
चांदी की चमक क्यों फीकी पड़ी?
चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण विदेशी बाजारों में कमजोरी है। लेमन मार्केट्स के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने जारी वैश्विक अनिश्चितताओं को इसका कारण बताया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी करीब तीन फीसदी गिरकर 57.62 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी डॉलर सूचकांक का बढ़ना भी एक कारक रहा। यह वृद्धि अमेरिका-ईरान तनाव के फिर से बढ़ने के कारण हुई थी।






