राममंदिर में चढ़ावे के मामले में एफआईआर संख्या 0090/2026 25 जून को दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। ट्रस्ट सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की तहरीर और एसआईटी की संस्तुति के आधार पर एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ल, मनीष यादव समेत कुल 8 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि एक अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है। वो अज्ञात आखिर कौन हैं। एफआईआर में शामिल अधिकांश आरोपी दानराशि की गिनती और कैश प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगे हुए थे।
पहले गिरफ्तार आठों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी
चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की तैयारी है, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस जांच तेज कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार जांच में एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट को भी शामिल किया जाएगा, ताकि सभी तथ्यों का समग्र परीक्षण हो सके। उधर, विपक्षी दल एफआईआर में किसी बड़े पदाधिकारी का नाम शामिल न किए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। जांच की निष्पक्षता पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जारी है।
इसके पहले, चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद और जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई। सभी पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। जिसके बाद आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।








