आनंद सेवा न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में हुआ। कथा के मुख्य वक्ता पूज्य मुकेश आनंद जी महाराज (मथुरा-वृंदावन) ने अपने मुखारविंद से अयोध्या कांड का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादाओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आनंद सेवा न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह ने कहा कि न्यास का उद्देश्य धर्म, संस्कृति, सेवा और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि कथा महोत्सव में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं और आगामी दिनों में गौ संरक्षण, गंगा संरक्षण तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
वहीं, पूज्य मुकेश आनंद जी महाराज ने कहा कि अयोध्या केवल एक नगर नहीं बल्कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि और भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने कहा कि रामकथा का उद्देश्य केवल कथा श्रवण नहीं, बल्कि श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना है। उन्होंने अयोध्या कांड के प्रसंगों के माध्यम से त्याग, सेवा, परिवार और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
महाराज श्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन समाज को एकता, सद्भाव और संस्कारों की प्रेरणा देता है। इसी भावना के साथ तीन दिनों तक अयोध्या कांड के विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह, महासचिव अनुरुद्ध सिंह, मुख्य यजमान प्रदीप सिंह, विनोद पांडेय, पवन मिश्रा, संजय पांडेय, बृजेश शर्मा, देव प्रकाश पाठक, डॉ. शैलजा, पुष्पा श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।








