2026 विश्व पर्यावरण दिवस- दिल्ली में 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का उद्घाटन, 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य

Spread the love

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गईं। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में 18 ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कई नई पर्यावरणीय योजनाओं की शुरुआत की गई।

 

दिल्ली के मैदानगढ़ी स्थित नमो ऑक्सीजन पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण नियंत्रण और शहरी हरियाली बढ़ाने के लिए सरकार की दीर्घकालिक रणनीति को सामने रखा गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

दुनिया के सामने तीन बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियां

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और भूमि क्षरण (मरुस्थलीकरण) जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। भारत ने सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने, पीएम सूर्य घर योजना, इंटरनेशनल सोलर अलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) और रामसर वेटलैंड्स के विस्तार जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

 

‘एक पेड़ मां के नाम’ बना जनभागीदारी का अभियान

भूपेंद्र यादव ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लोगों को प्रकृति और अपनी माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

और पढ़े  दिल्ली- बड़ा हादसा: साकेत में ढही इमारत, कई लोगों के दबे होने की आशंका, 9 का रेस्क्यू और एक की मौत

 

दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई कदम

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) मिलकर प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर काम कर रहे हैं। इन प्रयासों में सड़कों की मशीनों से गहरी सफाई, वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी, ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS), एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (APCDs) की स्थापना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा शामिल है।

 

18 नमो ऑक्सीजन पार्क बनेंगे दिल्ली के ‘ग्रीन लंग्स’

दिल्ली में विकसित किए गए 18 नमो ऑक्सीजन पार्क शहर के लिए हरित फेफड़ों (Green Lungs) की तरह काम करेंगे। ये पार्क न केवल वायु गुणवत्ता सुधारेंगे, बल्कि जैव विविधता को बढ़ावा देने और लोगों को प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने का अवसर भी प्रदान करेंगे। सरकार का मानना है कि इन पार्कों की सफलता में स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी।

 

पर्यावरण प्रबंधन के लिए जारी किए गए तीन महत्वपूर्ण दस्तावेज

कार्यक्रम के दौरान दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़े तीन अहम दस्तावेज भी जारी किए।

दिल्ली कार्य योजना (2026-27 से 2036-37): यह 10 वर्षों की रणनीतिक योजना है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और सतत विकास के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य प्रबंधन योजना (2024-25 से 2034-35): इस दस्तावेज में दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता क्षेत्रों में से एक असोला भट्टी अभयारण्य के संरक्षण और प्रबंधन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

दिल्ली बर्ड एटलस : यह दिल्ली में पाए जाने वाले पक्षियों का व्यापक वैज्ञानिक दस्तावेज है, जिसे पक्षी प्रेमियों, शोधकर्ताओं और स्वयंसेवकों की मदद से तैयार किया गया है।

और पढ़े  दिल्ली: साकेत में बहुमंजिला इमारत गिरी- 6 मंजिला इमारत ढही, 15 निकाले गए, एक की मौत, 80 से ज्यादा के दबे होने की आशंका

 

15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने का सबसे प्रभावी तरीका हरित क्षेत्र बढ़ाना है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

 

‘डस्ट-फ्री दिल्ली’ अभियान पर भी जोर

कार्यक्रम के दौरान ‘डस्ट-फ्री दिल्ली’ अभियान के तहत स्थानीय घास और झाड़ियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके अलावा दिल्ली बर्ड एटलस तैयार करने में योगदान देने वाले नागरिक संगठनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभी गणमान्य व्यक्तियों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


Spread the love
  • Related Posts

     सुप्रीमकोर्ट की बड़ी टिप्पणी- वैवाहिक जिम्मेदारियों से लगातार इन्कार क्रूरता, तलाक का आधार’

    Spread the love

    Spread the loveसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर बिना किसी उचित कारण के पति या पत्नी लंबे समय तक वैवाहिक जिम्मेदारियों से इन्कार करते हैं, जिसमें शारीरिक संबंध भी शामिल…


    Spread the love

    रक्षा क्षमता में होगा इजाफा: रूस से भारत पहुंची एस-400 मिसाइल की चौथी खेप, चीन-पाक सीमा पर बढ़ेगा सुरक्षा

    Spread the love

    Spread the loveरूस से लंबी दूरी की एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की चौथी स्क्वॉड्रन भारत को मिल गई है। इस घातक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को जल्द ही किसी संवेदनशील क्षेत्र…


    Spread the love