जज के गुस्से से अंधेरे में चित्रकूट: घर की बिजली गुल होने पर 5 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की सप्लाई रुकवाई

तना जिले के चित्रकूट में शुक्रवार शाम एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। आरोप है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राम अवतार पटेल के सरकारी आवास की बिजली गुल होने के बाद पूरे कस्बे की बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई।

इस घटनाक्रम से करीब पांच हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हुए और लगभग एक घंटे तक क्षेत्र में बिजली संकट की स्थिति बनी रही। घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

 

आंधी-तूफान के कारण पहले से प्रभावित थी बिजली व्यवस्था
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात आए तेज आंधी-तूफान के कारण मझगवां से आने वाले 33 केवी के दो फीडरों में तकनीकी खराबी आ गई थी। जंगल क्षेत्र में फॉल्ट होने के कारण सुधार कार्य में समय लगा। विभाग ने शुक्रवार दोपहर तक मुख्य बिजली आपूर्ति बहाल कर दी थी और अधिकांश शिकायतों का निराकरण कर लिया गया था। हालांकि कुछ व्यक्तिगत कनेक्शनों में समस्याएं बनी हुई थीं, जिनमें न्यायिक अधिकारी का आवास भी शामिल बताया गया।

 

सब स्टेशन पहुंचकर बिजली बंद कराने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों और विद्युत कर्मियों के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ रजौला सब स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद ऑपरेटर से अपने आवास की बिजली बहाल न होने पर नाराजगी जताई।

आरोप है कि उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक उनके घर की बिजली ठीक नहीं होती, तब तक पूरे चित्रकूट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद रखी जाए। विद्युत कर्मियों का कहना है कि इसके बाद रजौला और प्रमोद वन सब स्टेशन से संचालित बिजली आपूर्ति रोक दी गई। आरोप यह भी है कि ऑपरेटर को कंट्रोल रूम से बाहर कर दिया गया और कुछ समय तक किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

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अंधेरे में डूबा कस्बा, जनता में आक्रोश
अचानक दोबारा बिजली बंद होने से चित्रकूट के हजारों उपभोक्ता परेशान हो गए। जब लोगों को इसकी वजह की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में नागरिक रजौला सब स्टेशन पहुंच गए। वहां लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा। स्थानीय लोगों का कहना था कि एक व्यक्ति की शिकायत के कारण पूरे कस्बे को अंधेरे में रखना उचित नहीं है। बढ़ते विरोध के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

 

अधिकारियों व पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रवीण वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। स्थानीय पुलिस भी सब स्टेशन पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। इसके बाद बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी गई। सतना ग्रामीण क्षेत्र के कार्यपालन अभियंता पंकज द्विवेदी को भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने मामले की समीक्षा शुरू की।

 

थाने पहुंची शिकायत
घटना के बाद नाराज विद्युत कर्मियों और कुछ स्थानीय नागरिकों ने पुलिस थाने पहुंचकर न्यायिक अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पद का प्रभाव इस्तेमाल कर सार्वजनिक सेवा को बाधित किया गया और कर्मचारियों के कार्य में हस्तक्षेप किया गया। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, घटना को लेकर चित्रकूट में दिनभर चर्चाओं का दौर जारी रहा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गंभीर माना जा सकता है।

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