पश्चिम एशिया संकट- शांति की तरफ बढ़ रहे ईरान-अमेरिका के बीच फिर बढ़ा टकराव..

ईरान पर अमेरिका ने फिर किया हमला, तेहरान ने दावे पर साधी चुप्पी

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच दक्षिणी ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और उसके आस-पास का इलाका तीन जोरदार धमाकों की आवाज से दहल उठा है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक ये धमाके इतने तेज थे कि इनकी गूंज काफी दूर तक सुनी गई, हालांकि अभी यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि यह धमाके शहर के भीतर हुए हैं या पास के समंदर में। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसकी सेना ने दक्षिणी ईरान में उन नावों और मिसाइल लॉन्चर्स को निशाना बनाया है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील तेल सप्लाई रूट ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं।

इस बड़े सैन्य एक्शन के बाद तेहरान में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है और ईरान सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी हमले की इन खबरों को न तो खारिज किया है और न ही इसकी पुष्टि की है, जिससे सस्पेंस और ज्यादा गहरा गया है। इस रहस्यमयी चुप्पी के बीच पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान ने इस हमले का पलटवार किया, तो पिछले महीने से दोनों देशों के बीच बना बेहद नाजुक युद्धविराम पूरी तरह टूट जाएगा और यह क्षेत्र एक बार फिर भीषण युद्ध की आग में झुलस सकता है।

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जी हुजूरी करने वाले पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील क्यों ठुकराई?, अब्राहम समझौते पर कहा- हमें मंजूर नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। वहीं, पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, यह बयान पाकिस्तानी प्रसारक समा टीवी के साथ एक साक्षात्कार के दौरान दिया गया।

दक्षिणी ईरान में अमेरिका का हवाई हमला, माइन बिछा रही नौकाएं और मिसाइल लॉन्च साइट बने निशाना

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दक्षिणी ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका ने सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक करते हुए ईरानी मिसाइल लॉन्च साइटों और माइन बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई अपने सैनिकों और युद्धपोतों की सुरक्षा के लिए की गई। खास बात यह है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ा दिया है।

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