कनाडा में हंता वायरस संक्रमण का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है। पब्लिक हेल्थ एजेंसी ऑफ कनाडा (PHAC) ने पुष्टि की है कि ब्रिटिश कोलंबिया में आइसोलेशन में रखे गए एक क्रूज यात्री की रिपोर्ट हंता वायरस पॉजिटिव आई है।
स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति के सैंपल को विनिपेग स्थित नेशनल माइक्रोबायोलॉजी लैबोरेटरी भेजा गया था, जहां जांच के बाद शनिवार को संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं संक्रमित यात्री के साथ यात्रा कर रहे दूसरे व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव आई है। PHAC ने कहा कि फिलहाल कनाडा में कोई दूसरा मामला सामने नहीं आया है। हालांकि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हाई-रिस्क लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि आम लोगों के लिए फिलहाल खतरा कम है।
MV Hondius क्रूज शिप पर पहले ही हो चुकी हैं 3 मौतें
यह संक्रमण पोलर एक्सपीडिशन क्रूज शिप एमवी होंडियस पर फैला था। इस जहाज पर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक हंता वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड एक से आठ सप्ताह तक हो सकता है। ब्रिटिश कोलंबिया की प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारी बोनी हेनरी ने बताया कि संक्रमित यात्री में बुखार और सिरदर्द जैसे हल्के लक्षण दिखाई दिए थे। दो दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल मरीज को आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है।
नीदरलैंड पहुंचेगा संक्रमित क्रूज शिप
इस बीच नीदरलैंड सरकार ने जानकारी दी है कि हंता वायरस से प्रभावित MV Hondius अगले सोमवार को रॉटरडैम पोर्ट पहुंचेगा। जहाज के अधिकांश क्रू मेंबर्स को छह सप्ताह तक क्वारंटीन में रखा जाएगा। डच सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रॉटरडैम को शिपिंग से जुड़े संक्रामक रोगों से निपटने के लिए विशेष पोर्ट के रूप में चुना गया है। क्रूज शिप ऑपरेटर ओशनवाइड एक्सपीडिशन के मुताबिक फिलहाल जहाज पर 27 लोग मौजूद हैं। इनमें 25 क्रू सदस्य और दो मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। जहाज पर मौजूद लोगों में फिलीपींस, नीदरलैंड, यूक्रेन, रूस और पोलैंड के नागरिक शामिल हैं।
क्या है हंता वायरस?
हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर संक्रमित चूहों और कृन्तकों के संपर्क में आने से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हो सकती है। गंभीर मामलों में यह संक्रमण जानलेवा भी साबित हो सकता है।







